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Agra News: फव्वारा बाजार से कई राज्यों में फैला नकली दवाओं का नेटवर्क

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आगरा। नकली और सैंपल की दवाओं का अवैध धंधा जिले में फल-फूल रहा है। फव्वारा बाजार से दवाएं देश के अलग-अलग हिस्सों में भेजी जा रही हैं। विदेशों तक प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री सामने आ चुकी है। दवा कारोबारियों के साथ चिकित्सक और एजेंट भी पकड़े जा चुके हैं।
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दस साल में 150 से अधिक केस भी दर्ज हुए। 70 से अधिक ड्रग लाइसेंस निरस्त किए गए। मगर दवाओं का खेल रुकने का नाम नहीं ले रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, फव्वारा दवा बाजार में 3500 से अधिक ड्रग लाइसेंसी हैं। पांच हजार से अधिक कंपनियों के स्टाकिस्ट, थोक विक्रेता और रिटेलर हैं।

आगरा से दवाएं खरीदने के लिए यूपी के साथ ही राजस्थान, मध्य प्रदेश तक से व्यापारी आते हैं। इस कारोबार को अब कमाई का जरिया भी कई माफिया बना रहे हैं। असली के नाम पर नकली दवाओं की बिक्री हो रही हैं। मुनाफे के लिए लोगों की जान के साथ खिलवाड़ हो रहा है। जगदीशपुरा और सिकंदरा क्षेत्र में विजय गोयल की फैक्टरी पकड़ी जा चुकी है।
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यहां पर दवाओं को बनाकर कई राज्यों में भेजा जाता था। पुलिस ने दो साल पहले आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की थी। मगर वो जेल से छूटकर फिर से दवाओं के धंधे का अवैध कारोबार करने लगा। इस पर पुलिस ने उसे एक बार फिर जेल भेजा था। इसी तरह नशे और सैंपल की दवाओं की बिक्री भी धड़ल्ले से हो रही है।

कई बार पंजाब पुलिस आगरा में दबिश दे चुकी है। नशे की दवाओं की बिक्री करने वालों को पकड़कर ले जा चुकी है। मगर यह धंधा रुकने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में कोतवाली और एमएम गेट थाना क्षेत्र की दो फर्मों पर एसटीएफ ने छापा मारा था। इस दाैरान एक करोड़ की रिश्वत देने के आरोप में एक दवा कारोबारी को गिरफ्तार भी किया गया था।

कफ सीरप और नींद की गोलियों की बिक्री अधिक

दवा माफिया नारकोटिक्स प्रतिबंधित कफ सीरप, नींद और दर्द की गोलियां, एंटी बायोटिक्स के इंजेक्शन के अलावा अन्य दवाओं का धंधा फव्वारा स्थित मुबारक महल में चल रहा है। आगरा से भेजी गई नशे में प्रयोग होने वाली और नकली दवाइयां पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, गोवा, महाराष्ट्र पश्चिम बंगाल आदि राज्यों में पकड़ी जा चुकी हैं। हर बार पुलिस जांच के लिए आती है। मगर आरोपी बच निकलते हैं।
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