झोलाछाप के पास छोटी मोटी बीमारियों का ही नहीं, बल्कि मधुमेह और सांस जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज हो रहा है। ऐसे में जब हालत बिगड़ जाए, तो ये हाथ खड़े कर देते हैं।
सांस रोग की दिक्कत हुई तो पास के झोलाछाप से इलाज कराया। शुरूआत में कुछ आराम मिला, लेकिन हालत बिगड़ने लगी। इस पर स्वास्थ्य विभाग में शिकायत की। इसी तरह झोलाछाप हृदय, टीबी, सांस रोग, मधुमेह समेत गंभीर बीमारियों का इलाज कर रहे हैं।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बीते महीने 40 से अधिक झोलाछाप पकड़े। इनके यहां से एंटीबायोटिक, मधुमेह, सांस रोग, स्त्री रोग समेत अन्य मर्ज की दवाएं बरामद हुईं। स्टेरॉयड भी काफी मात्रा में मिलीं। झोलाछाप के अवैध अस्पताल भी पकड़े। इनके यहां सभी मर्ज का इलाज कराने का दावा करते हुए बोर्ड भी लगा था। इनकी गलत इलाज से मर्ज बिगड़ने का खतरा रहता है।
इनमें से स्वास्थ्य विभाग में 13 झोलाछाप के खिलाफ केस दर्ज कराया है। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि झोलाछाप कई गंभीर बीमारियों के इलाज की शिकायत मिली, जिस पर टीम भेजकर छापा मारा। इनकी दुकान बंद कराते हुए मुकदमा भी दर्ज कराया है। अपंजीकृत अस्पताल सेल प्रभारी से कितने झोलाछाप पकड़े, कितने पर मुकदमा दर्ज हुआ, इसके बारे में रिपोर्ट मांगी है।