आगरा में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने सिकंदरा इंड्रस्टियल एरिया स्थित जय शिव इंटरनेशनल में छापा मारकर सात हजार लीटर रिफाइंड-पाम आयल सीज किया है। टीम को गोदाम में भट्टियां मिली हैं और जब्त किया गया तेल गर्म था।
एफएसडीए टीम को आशंका है कि इसे नकली घी बनाकर बिक्री की जाती है। इसकी बाजार की कीमत करीब 16 लाख रुपये है। टीम ने तीन टैंकर, कांटा मशीन, भट्टियां भी सीज की हैं। जांच को दो नमूने भी लिए हैं।
टीम ने गोदाम में दोपहर में छापा मारा तो यहां भट्टियां लगी हुई पाई। गंदगी पसरी हुई थी। पास में तीन टैंकर खड़े थे। इनमें एक खाली था, दो भरे हुए थे। एक में चार हजार लीटर और दूसरे में तीन हजार लीटर रिफाइंड और पाम आयल का मिश्रण पकड़ा।
आयल बिक्री का लाइसेंस था
सात हजार लीटर रिफाइंड-पाम आयल सीज
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जिला अभिहित अधिकारी मनोज वर्मा ने बताया कि गोदाम पर फर्म मालिक अंकुर गुप्ता मिला, उसके पास रिफाइंड और पाम आयल बिक्री का लाइसेंस था, लेकिन यहां दोनों को गर्म करने के लिए भट्टियां मिली। मिश्रण भी गर्म था।
इससे पूरी आशंका है कि नकली घी बनाकर बिक्री की जाती है। कांटा मशीन, भट्टियां और तीनों टैंकर सील कर दिया है। दो नमूने लिए हैं। टीम मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राम आशीष मौर्य, खाद्य सुरक्षा अधिकारी अवधेश पाराशर रहे।
नामी ब्रांड की 2124 खाली टिन मिली
टीम ने गोदाम की जांच की तो यहां रिफाइंड कंपनी की नामी ब्रांड की खाली टिन का भंडारण पाया गया। जब इनकी गिनती की गई तो यह 2124 पाई गई। इनको खाली करके गर्म करके नकली घी बनाया जाता था।
मोटर पंप से भरा जाता था नकली घी
टीम को यहां टैंक भी मिले, जिसको मोटर पंप के पाइप लाइन से भट्टियों से जोड़ा गया था। गर्म करने के बाद नकली घी टैंकोें में जाता, यहां से टैंकर में भर दिया जाता था।
यमुनापार में भी था गोदाम
अधिकारी ने बताया कि अंकुर गुप्ता का यमुनापार नुनिहाई में भी गोदाम था, जिस पर बीते साल दिवाली से पहले जिला अभिहित अधिकारी श्वेता सैनी ने छापा मारा था। यहां नकली घी बनाया जा रहा था। टैंकर भी मिले थे, इसमें सहायक आयुक्त खाद्य विनीत यादव की कार्रवाई पर सवाल उठे थे, इनको सस्पेंड भी किया गया था, बाद में बहाल किए गए।