आगरा में एक फर्जी दरोगा पकड़ा गया था, जो थाने में एक वांछित बुकी की सिफारिश लेकर आया था। शक होने पर पूछताछ की गई और आई कार्ड चेक किया गया। इस पर वह पकड़ा गया।
आगरा के थाना हरीपर्वत पुलिस फर्जी दरोगा उजैर खान को जेल भेजने के बाद उसकी कुंडली खंगाल रही है। जांच में पता चला है कि वह एक थानेदार का खास है। कई पुलिसकर्मी उसके संपर्क में थे। वह पुलिसकर्मियों के लिए वसूली करता था। उसके मोबाइल से कई जानकारी मिली हैं।
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थाने में करने आय था सिफारिश
थाना हरीपर्वत पुलिस ने मंगलवार को साबुन कटरा निवासी उजैर खान को पकड़ा था। वह थाने में सट्टेबाज अज्जू लंगड़ा का नाम मुकदमे से निकालने और गिरफ्तार आरोपी को छोड़ने की सिफारिश करने आया था। दरोगा निशामक त्यागी को 92 हजार रुपये रिश्वत देने की कोशिश की थी। खुद को दरोगा बताते हुए आईडी कार्ड भी दिखाया था। मगर, आईडी कार्ड पर पीएनओ नंबर नहीं होने से पकड़ा गया। इसके बाद एमएम गेट के पार्षद प्रवीन पटेल को पुलिस ने जेल भेजा। उजैर ने कहा था कि उसके पार्षद ने ही पैरवी के लिए भेजा था।
पुलिस अधिकारियों के आदेश पर थाना पुलिस ने उजैर खान की कुंडली खंगाली। इसमें पता चला कि वह एक थानेदार का खास है। इसके अलावा कई थानों में पुलिसकर्मियों से मिलने जाया करता था। उनसे संपर्क में रहता था। आरोप है कि वह उनके लिए वसूली भी करता था। यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी थानों में प्राइवेट लोगों के सक्रिय होने के आरोप लगते रहे हैं।