किशनी (मैनपुरी)। थाना क्षेत्र में फायर स्टेशन के नवीन प्रशासनिक भवन के कमरों में नकली डीएपी खाद का कारोबार चल रहा था। पानी की टंकी की जांच के लिए पहुंचे फायर कर्मियों को देखकर आरोपी दो वाहन मौके पर छोड़कर भाग गए। अधिकारियों ने जांच में खाद को नकली बताया है। 109 नकली डीएपी से भरी बोरियां बरामद हुई हैं। जबकि 200 से अधिक खाली डीएपी की बोरियां भी बरामद की गई हैं।
कस्बा किशनी में फायर सब स्टेशन का नवीन भवन बनकर तैयार खड़ा है। इस भवन को अभी अग्निशमन विभाग को हस्तांतरित नहीं किया गया है। अग्निशमन विभाग के अधिकारी और कांस्टेबल ब्लाॅक के भवन से सेवाएं दे रहे हैं। रविवार को फायर स्टेशन प्रभाारी किशनी बृजेंद्र सिंह अपने साथी फायरकर्मी मंजेश यादव, अनुज कुमार और विशाल के साथ यहां बनी पानी की टंकी की जांच करने पहुंचे। उन्हें देखकर कुछ लोग वहां से भाग निकले। अंदर जाकर देखा तो एक लोडर वाहन संख्या यूपी 79 टी-0663 और पिकअप वाहन संख्या यूपी 79 टी-1743 खड़ा हुआ था।
अंदर के कमरों में ताला लगा हुआ था। शक होने पर यहां मौजूद चौकीदार नीरज सविता निवासी कन्नौज से ताला खुलवाया गया तो टाइप थ्री भवन में 109 डीएपी पैक बोरियां रखी हुई थीं जिनका मार्का सरकारी था। इसके साथ ही वहां एटीपीएल समृद्धि सलारपुर की बड़ी संख्या में खाली बाेरियां पड़ी हुई थीं इससे साबित हो रहा था कि यहां नकली खाद का धंधा चल रहा था।
सूचना पर पहुंचे तहसीलदार और एडीओ कृषि
अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने इसकी जानकारी थाना पुलिस और एसडीएम को दी। एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार किशनी घासीराम, एडीओ कृषि नरेश राठौर, थाना इंचार्ज महाराज सिंह भाटी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। तहसीलदार और एडीओ ने जांच के बाद बताया कि सरकारी बोरियों में भरी गई डीएपी नकली है।
चौकीदार और पिकअप चालक लिया हिरासत में
जानकारी पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने यहां से चौकीदार नीरज सविता निवासी कन्नौज और पिकअप चालक रवि खान निवासी फरेंजी थाना किशनी को हिरासत में लिया है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस पकड़े गए लोगों से पूछताछ कर रही थी। वहीं भवन को सील कराने का कार्य चल रहा था।
आखिर कहां से आईं खाली सरकारी बोरियां
फायर स्टेशन के भवन में नकली खाद को भारतीय जन उर्वरक परियोजना भारतीय डीएपी के मार्का लगी नई बोरियों में सील किया गया था। 200 से अधिक नई खाली बोरियां भी मिली हैं। आखिर ये सरकारी बोरियां कहां से प्राप्त हुई हैं यह भी जांच का विषय है।