आगरा में एक अधिवक्ता ने प्रेमी जोड़े से स्टांप पेपर पर विवाहनामा बनवाकर हस्ताक्षर करा दिए और युवक की बहनों को गवाह बना दिया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि महज स्टांप पेपर पर किया गया विवाह वैध कोर्ट मैरिज नहीं है। दोनों पक्षों को परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
आगरा में एक युवती और उसके प्रेमी को एक अधिवक्ता ने फंसा दिया। अधिवक्ता ने स्टांप पेपर पर विवाहनामा बनाकर दोनों के हस्ताक्षर करवाए। इसके बाद युवक की बहनों को ही उसमें गवाह भी बना दिया।
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न्यू आगरा क्षेत्र की युवती की मां ने बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने तलाश की तो युवती युवक के घर पर मिली। युवक के परिजन ने स्टांप पेपर पर शादी होने की जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि स्टांप पर की गई शादी वैध नहीं होती है। पुलिस युवती, युवक और उसकी बहनों को थाने ले आई। लड़की की मां पहचान पत्र नहीं दिखा पाई लेकिन बेटी को नाबालिग बताती रही।
थाने में बीती दोनों की रात
पुलिस ने कार्रवाई कराने के लिए तहरीर देने की बात कही लेकिन लड़की के परिजन तैयार नहीं हुए। इसके बाद पुलिस ने लड़की और लड़के को उनके परिजन के सुपुर्द किया। यह मामला रात भर थाने में चर्चा का विषय बना रहा। पुलिसकर्मियों ने प्रेमी की चुटकी भी ली। बाद में थाना प्रभारी ने उन्हें कानून के बारे में बताया और भविष्य में ऐसी गलती न करने की हिदायत देकर छोड़ा।