बिचपुरी(आगरा)। किरावली तहसील परिसर में महज 200 रुपये में फर्जी जाति प्रमाणपत्र बनाने का खेल उजागर हुआ है। आरोप है कि मां और चाची का जाति प्रमाणपत्र बनवाने पहुंचे युवक को तहसीलदार के फर्जी हस्ताक्षर और मुहर वाले प्रमाणपत्र बनाकर दे दिए।
मथुरा जिले के फरह ब्लॉक के गांव झुंडावई निवासी कपिल अपनी मां और चाची के जाति प्रमाणपत्र बनवाने तहसील किरावली पहुंचे थे। पीड़ित के अनुसार, तहसील परिसर में मिले युवक ने खुद को वकील बताते हुए 200 रुपये लिए और कार्यालय तक ले गया। वहां पहले से मौजूद दो अन्य युवकों ने कागजों पर तहसीलदार के फर्जी हस्ताक्षर व मुहर लगाकर प्रमाणपत्र तैयार कर दिए।
पीड़ित ने बताया कि संदेह होने पर प्रमाणपत्र तहसील में मौजूद अन्य अधिवक्ताओं को दिखाए तो उन्होंने फर्जी करार दिया। पीड़ित का आरोप है कि विरोध करने पर युवकों ने गाली-गलौज करते हुए धमकी दी। प्रकरण वाले दिन तहसीलदार कार्यालय में नहीं थे। पीड़ित ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की है। एसडीएम किरावली दिव्या सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। शिकायत मिलने पर जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।