मैनपुरी। दीवानी न्यायालय में चल रहे एक मामले में हाईकोर्ट में आरोपियों ने फर्जी समझौता पत्र लगा दिया। फर्जीवाड़े की जानकारी होने के बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की। केस दर्ज न होने के बाद पीड़ित ने न्यायालय में अर्जी दी। कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ है।
गांव खरपरी निवासी सुबोध सिंह चौहान ने बताया कि उनका दीवानी न्यायालय में दुष्यंत प्रताप सिंह से बैंक चेक बाउंस का मुकदमा चल रहा है। इसमें सीजेएम न्यायालय ने 29 नवंबर 2018 को दुष्यंत प्रताप को तलब किया था। आदेश के विरुद्ध दुष्यंत ने हाईकोर्ट में रिट दायर की। इसमें 5 जनवरी 2021 को समझौता पत्र दाखिल किया गया। इसके अनुसार दुष्यंत प्रताप की ओर से उन्हें 40 लाख रुपये अदा करना दिखाया गया है।
नोटिस मिलने पर उन्हें इसकी जानकारी हुई। उनकी ओर से न तो कोई समझौता किया गया ना ही हस्ताक्षर हैं। दुष्यंत प्रताप सिंह निवासी खरपरी, अरविंद सिंह निवासी औडेंन्य पडरिया और संजय प्रताप निवासी फर्रुखाबाद, ब्रह्मानंद मिश्रा निवासी तांगा स्टैंड चौराहा के पास ने फर्जी दस्तावेज बनाए। 25 मार्च को उन्होंने नोटरी से सत्यापित करने वाले ब्रह्मानंद मिश्रा को नोटिस भेज कर समझौते के बारे में पूछा। 7 अप्रैल 2025 को दुष्यंत प्रताप व अरविंद ने कार्रवाई करने पर अभद्रता कर धमकी दी। कोर्ट के आदेश पर मंगलवार को पुलिस ने दुष्यंत प्रताप, अरविंद और संजय प्रताप के खिलाफ केस दर्जकर जांच शुरू कर दी है।