सोरों(कासगंज)। सूकरक्षेत्र के वार्षिक मार्गशीर्ष अमृत कुंभ के आयोजन पर इस बार संशय के बादल हैं। आयोजन को अभी तक प्रशासन ने हरी झंडी नहीं दिखाई है। इस वर्ष मार्गशीर्ष मेले का आयोजन 22 दिसंबर से 5 जनवरी 21 तक होना प्रस्तावित है। मेले के लिए हर वर्ष तैयारियां नवंबर से ही शुरू हो जाती हैं।
हर वर्ष ही मेला मार्गशीर्ष में बड़ी संख्या में आस-पास के लोग एकत्रित होते हैं। विशेष तिथियों में गंगा स्नान होता है। इसी के साथ मेले में अपनी आवश्यकता की वस्तुओं की खरीदारी करते हैं। इसके लिए पालिका के द्वारा नवंबर माह से ही तैयारियां शुरू कराई जाती रही हैं।
हरिपदी परिक्रमा मार्ग, प्रमुख मंदिरों, महापुरुषों के पार्कों आदि पर भव्य रंगरोगन, मेला ग्राउंड की सफाई, पेयजल के लिए हैंडपंप लगाने, अस्थाई प्रसाधन गृह बनाने, श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था, मेला परिसर में सुरक्षा सीसीटीवी कैमरे लगाने, मेला का प्रचार प्रसार का कार्य होता है। लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से मेला के लिए हरी झंडी नहीं मिली है। इसको लेकर तैयारियां भी शुरू नहीं हुई हैं। ऐसे में मेले के आयोजन को लेकर संशय बना हुआ है।
मेले के लिए पहुंचने लगे दुकानदार
यह मेला धार्मिक आयोजन के साथ साथ गृहोपयोगी वस्तुओं, हथकरघा व कुटीर उद्योगों के कामगारों द्वारा निर्मित वस्तुओं व स्वस्थ मनोरंजन के साधनों के लिए भी जाना जाता है। कंबल, शानदार नक्काशी के गलीचे कालीन, पत्थर निर्मित वस्तुओं सिल बटना, लकड़ी के ढोलक, टिन के बक्से, कुटिया आदि सामान प्रमुख रूप से इस मेले में बिकने के लिए आता है। मेले लगने की आस में अभी से दुकानदारों ने सोरों मेला ग्राउंड में पहुंचना शुरू कर दिया है।
ये है स्नान पर्वों की तिथियां
- 25 दिसंबर को भगवान वराह का अवतरण दिवस मार्गशीर्ष एकादशी
- 26 दिसंबर को भगवान वराह मोक्ष दिवस मार्गशीर्ष द्वादशी
- 27 दिसंबर को नागा साधुओं का शाही स्नान
- 30 दिसंबर को पूर्णिमा स्नान पर्व
मेला मार्गशीर्ष के आयोजन से संबंधित कोई दिशा-निर्देश कोरोना के कारण जिला प्रशासन के द्वारा नहीं मिले हैं। जिला प्रशासन की स्वीकृति मिलते ही पालिका के द्वारा तैयारियां शुरू की जाएंगी।
- संतराम सरोज, अधिशासी अधिकारी।
मेला मार्गशीर्ष उत्तर भारत का बड़ा मेला है। जिसकी तैयारियों में काफी समय लगता है। यदि प्रशासन से शीघ्र स्वीकृति मिलती है तो तैयारियां समय पर हो सकेंगी, अन्यथा दिक्कतें होंगी।
- मुन्नीदेवी, पालिकाध्यक्ष।