कासगंज। जल्द ही जनपपद में निराश्रित गोवंशों को नए आश्रय स्थल मिलेंगे। इसके लिए जिले में तीन नई गोशालाओं का निर्माण किया रहा है। इन पर 4.80 करोड़ रुपये की लागत आएगी। जिले में शहर से लेकर देहात तक निराश्रित गोवंश सड़कों-खेतों व गंगा की कटरी के इलाके में विचरण कर रहे हैं। गोवंशों के झुंड जहां-तहां देखे जा सकते हैं। इन गोवंश द्वारा जहां फसलों को नष्ट कर दिया जाता है। वहीं कई बार आवारा पशु राहगीर व वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ती है। निराश्रित गोवंशों की समस्याओं को लेकर आए दिन ग्रामीण एवं किसान यूनियन द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों को ज्ञापन देकर गोवंशों से फसलों की क्षति की समस्या बताते हैं। तीन गोशालाओं का निर्माण पूर्ण होने के बाद निराश्रित गोवंशों की समस्या से राहत मिल सकेगी। प्रत्येक गोशाला की क्षमता 500 गोवंश की है। तीन गोशालाओं में 1500 गोवंश रखे जा सकेंगे।
यहां हो रहा है गोशालाओं का निर्माण :
मुनव्वरपुर गढिया, अमांपुर के सरसई नरू और गंजडुंडवारा के नादरमई। इनमें मुनव्वरपुर गढिया और नादरमई की गोशाला का लगभग 50 प्रतिशत और सरसई नरू गोशाला का करीब 70 प्रतिशत निर्माण हो चुका है। बारिश के मौसम के बाद निर्माण कार्य में और तेजी आएगी।