प्रेसवार्ता में विजय प्रताप यादव व समर्थक
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समाजवादी पार्टी से निष्कासन के बाद फिरोजाबाद के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विजय प्रताप यादव उर्फ छोटू ने पार्टी के नेताओं पर हमला बोला है। उन्होंने सीधा आरोप सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव और अक्षय यादव पर लगाया है।
विजय प्रताप यादव का कहना है कि उन्होंने भाजपा नेता और पूर्व मंत्री जयवीर सिंह के खिलाफ आवाज उठाई तो पार्टी हाईकमान को गुमराह करके सपा से निकाल दिया गया।
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि पैगू गढ़ी में श्यामवीर की मौत पर पूर्व मंत्री एवं उनके बेटों के विरोध में वो खड़ा हुए। इसका परिणाम हुआ कि उनको पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।
रामगोपाल पर डील करने का आरोप
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के हाईकमान नेता कान के कच्चे हैं, इसलिए पक्ष बिना सुने ही उनका निष्कासन कर दिया। अब उनका फैसला जनता के हाथ में होगा।
विजय प्रताप यादव ने कहा कि प्रोफेसर रामगोपाल यादव एवं सपा सांसद अक्षय यादव को उनका क्षेत्र में कार्य करना एवं अन्याय के खिलाफ बोलना रास नहीं आ रहा है।
प्रोफेसर रामगोपाल यादव के कहने पर ही उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव के बाद जिला पंचायत के चुनाव की तैयार की थी, लेकिन प्रोफेसर का पूर्व मंत्री जयवीर सिंह से गुप्त समझौता है।
जनता के हाथ में फैसला
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि श्यामवीर की मृत्यु में परिवारिजनों का सहयोग करना भी सपा के बड़े नेताओं को रास नहीं आया। क्योंकि वो पूर्व मंत्री जयवीर सिंह को नाराज नहीं करना चाहते थे।
इसी वजह से वो मृतक के घर सांत्वना देने तक नहीं पहुंचे। विजय प्रताप ने बताया कि सोशल मीडिया पर लोकसभा प्रत्याशी की चर्चा करना भी उनके विरोधियों की साजिश है।
उन्होंने कहा कि 2011 में भी उनके पिता विधायक हरिओम यादव को पार्टी से निकाला था, लेकिन तब भी जनता से खुली सभा में राय ली थी। अब फिर जनता की राय से फैसला लिया जाएगा।
विजय प्रताप यादव ने 29 मई को अपने समर्थकों की शिकोहाबाद के रामेश्वर रिसोर्ट में सुबह 10 बजे बैठक बुलाई है। माना जा रहा है कि इस बैठक में पिता-पुत्र बड़ा फैसला ले सकते हैं।