सपा और बसपा सरकार के कार्यकाल में भाजपाइयों पर विभिन्न राजनीतिक आंदोलन के दौरान दर्ज हुए मुकदमे अब वापस होने जा रहे हैं। योगी सरकार ने डीएम मथुरा से 19 मुकदमों की रिपोर्ट मांगी है।
इसमें पूर्व राज्यमंत्री रविकांत गर्ग, पूर्व सांसद और जिलाध्यक्ष चौधरी तेजवीर सिंह शामिल हैं। प्रदेश में सरकार बनने के साथ ही भाजपा कार्यकर्ताओं ने राजनीतिक मुकदमों को लेकर शासन स्तर पर पहल शुरू कर दी थी।
पिछले दिनों जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बरसाना में लठामार होली खेलने के लिए मथुरा आए तो पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने उनसे वेटरनेरी विश्वविद्यालय गेस्ट हाउस में मुलाकात की थी
इस दौरान ऐसे मुकदमों की लिस्ट मुख्यमंत्री को सौंपी थी, जो राजनीतिक आंदोलनों में पार्टी कार्यकर्ताओं पर पुलिस द्वारा दर्ज किए गए थे। इसमें 27 मुकदमे थे, जिसमें अयोध्या कांड से जुड़ा एक मुकदमा भी शामिल था।
इस मुकदमे में पुलिस ने आठ लोगों को आरोपी बनाया था, जिसमें से तीन की मौत भी हो चुकी है। बाकी पूर्व सभासद श्यामू चतुर्वेदी, बंटी, उत्सव आज भी कोर्ट कचहरी के चक्कर लगा रहे हैं।
मुख्यमंत्री की आदेश के बाद स्थानीय स्तर पर पार्टी पदाधिकारियों ने इन मुकदमों से जुड़ी रिपोर्ट तैयार कराई। इसमें से शासन ने 19 मुकदमों से जुड़ी रिपोर्ट डीएम, एसएसपी से मांगी है।
बताया जा रहा है कि हेलीपैड पर उपमुख्यमंत्री के आगमन के दौरान डीएम, एसएसपी से हुए विवाद के बाद इस मामले की रफ्तार प्रशासन ने धीमी कर दी है।