डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में सम सेमेस्टर परीक्षाएं शुरू होते ही अव्यवस्थाएं सामने आ रही हैं। एक ओर परीक्षा केंद्रों पर छात्र प्रश्नपत्र हल कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में छात्र अब भी आवेदन प्रक्रिया पूरी करने में जुटे हैं। चौंकने वाली बात ये है कि इस बार परीक्षा शुरू होने के बाद भी फॉर्म भरे जा रहे हैं, जिससे विश्वविद्यालय की तैयारी और समन्वय पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
समर्थ पोर्टल पर आवेदन करते समय कई छात्रों के विषय सही ढंग से जुड़ ही नहीं पा रहे। कुछ छात्रों के एडमिट कार्ड से विषय गायब हो गए हैं, तो कुछ के फॉर्म अधूरे रह गए हैं। ऐसे में छात्र असमंजस में हैं कि वे किस पेपर में शामिल हों और किसे छोड़ दें। इन समस्या को लेते हुए छात्र विश्वविद्यालय के चक्कर भी काट रहे हैं।
बीएससी चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र नितिन ने बताया कि एडमिट कार्ड जब डाउनलोड किया तो उसमें दो ही विषय आए तीसरा विषय गायब हो गया अब विश्वविद्यालय में उसको सही करने के लिए पत्र दिया है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश ने कहा कि पोर्टल पर आई समस्याओं के कारण फॉर्म समय पर नहीं भरे जा सके, इसलिए छात्रों को अतिरिक्त अवसर दिया गया है।
विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष गौरव शर्मा ने कहा कि परीक्षाएं शुरू होने के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र अब भी परीक्षा फॉर्म भरने से वंचित रह रहे हैं। छात्र लगातार विश्वविद्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। आरोप लगाया कि परीक्षा शुरू होने के दिन से ही परीक्षा नियंत्रक अपने कार्यालय में मौजूद नहीं हैं, जिसके चलते छात्रों को भटकना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब परीक्षा नियंत्रक छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए उपलब्ध ही नहीं हैं, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
एडमिट कार्ड से भी परेशान
कई छात्रों के एडमिट कार्ड में परीक्षा का समय गलत दर्ज होने के कारण वे निर्धारित समय से अलग समय पर परीक्षा केंद्र पहुंच रहे हैं। वहीं, कुछ छात्रों के विषय ही एडमिट कार्ड से गायब हैं, जिससे वे अपनी परीक्षा को लेकर पूरी तरह असमंजस में हैं। इस पर परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश का कहना है कि शिकायतें मिलने पर सुधार की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और कई मामलों में संशोधन भी किया गया है। जिसे आपत्ति है वह शिकायत लेकर आएं उनका निस्तारण किया जाएगा।