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वर्ष 2010 के बाद भर्ती हुए शिक्षकों की खुलने लगी फाइलें, तीन सदस्यीय दल कर रहा है जांच

Fri, 21 Sep 2018 05:13 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मैनपुरी
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मैनपुरी जिले में वर्ष 2010 के बाद भर्ती हुए शिक्षकों की फाइलें खुलने लगी हैं। शासन के निर्देश पर डीएम द्वारा गठित तीन सदस्यीय कमेटी ने जांच शुरू कर दी है। इन शिक्षकों की पूर्व में भी जांच कराई गई थी, तब 31 शिक्षक फर्जी निकले थे।  
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शिक्षा विभाग में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा होने के कारण शासन ने 2010 के बाद होने वाली सभी नियुक्तियों की जांच का निर्णय लिया है। शासन ने जिलाधिकारी के निर्देशन में तीन सदस्यी दल द्वारा जांच कराने के निर्देश दिए थे। 

जनपद में शिक्षकों के स्थानांतरण और शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के कारण यह जांच रुकी हुई थी। अब जांच कार्य शुरू हो गया है। कमेटी में अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक और बेसिक शिक्षाधिकारी को जांच अधिकारी बनाया गया है। 
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डीएम के निर्देश पर यह तीन सदस्यी जांच दल वर्ष 2010 के बाद नियुक्ति पाने वाले 600 से अधिक शिक्षकों की जांच करेगी। एडीएम बीराम, बीएसए विजय प्रताप सिंह और एएसपी ओपी सिंह ने एक-एक कर भर्ती प्रक्रियाओं जांच में शुरू कर दी है।  

पूर्व में 31 शिक्षकों की सेवाएं की जा चुकी हैं समाप्त  

मैनपुरी में वर्ष 2010 के बाद नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों की जांच पूर्व में पूर्व बीएसए रामकरन यादव ने कराई थी। इस दौरान वर्ष 2013 फरवरी में हुई 29 हजार जूनियर शिक्षक भर्ती में 8, अगस्त 2013 की शिक्षक भर्ती में 10, वर्ष 2014 की भर्ती में 13 शिक्षक फर्जी पाए गए थे। जिन्हें पूर्व बीएसए ने बर्खास्त करते हुए उनके विरुद्ध थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।  

इस संबंध में बीएसए विजय प्रताप सिंह ने बताया कि शासनादेश के तहत शिक्षकों के अभिलेखों की जांच कराई जा रही है। जो भी फर्जी शिक्षक मिलेगा उसे बाहर किया जाएगा। जिलाधिकारी के निर्देशन में जांच का कार्य किया जा रहा है।  
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