आगरा में उपद्रवियों की ओर से पथराव, आगजनी कर जाम लगाने से डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के सैकड़ों परीक्षार्थियों की परीक्षा छूट गई। परीक्षार्थी केंद्र पर देर से पहुंचे या फिर बीच रास्ते में ही फंस गए। छात्राओं की हालत ज्यादा खराब रही, उपद्रव में फंसी छात्राएं तो डर के मारे सहम गईं, कुछ छात्राएं तो रोने लगीं।
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ये देख पुलिस ने उपद्रवियों से बचाते हुए उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। पहली पाली में बीए तृतीय वर्ष, एमए प्रथम वर्ष और एमएससी तृतीय वर्ष, दूसरी पाली में बीएससी और बीए प्रथम वर्ष और एमए प्रथम वर्ष की परीक्षा थी।
तीसरी पाली में एमए, एमएससी प्रथम वर्ष और बीए द्वितीय वर्ष की विभिन्न विषयों की परीक्षा थी। सबसे ज्यादा दोपहर और शाम की पाली में विद्यार्थियों की परीक्षा छूटी है। दोपहर की पाली 11 से दो बजे और तीसरी पाली तीन से छह बजे तक थी।
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बीच रास्ते में फंस गए विद्यार्थी
रेल रोकते प्रदर्शनकारी
- फोटो : अमर उजाला
इस बीच उपद्रव शहर में ज्यादा भड़क गया। ऐसे में परीक्षा देने आए विद्यार्थी बीच रास्ते में फंस गए। कइयों ने अपने सेंटर के प्राचार्य को फोन कर परीक्षा में देरी या फिर न आने की बात भी बताई।
परीक्षा में आगरा कालेज के प्राचार्य डा. एके गुप्ता ने बताया कि विद्यार्थियों के फोन आए थे, जिसमें जाम में फंसने या फिर उपद्रव के चलते छात्राओं ने परीक्षा देने में असमर्थता जताई थी। देर से आने वाले परीक्षार्थियों को भी अतिरिक्त समय भी दिया गया।
वहीं डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति डा. अरविंद दीक्षित का कहना है कि उपद्रव के चलते जिन विद्यार्थियों की परीक्षा छूट गई होगी, उनका मसला विश्वविद्यालय प्रशासन परीक्षा समिति के समक्ष रखेगा। समिति जो निर्णय लेगी, उस पर अमल किया जाएगा।
यथावत चलेंगी विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षाएं
रोड जाम करते प्रदर्शनकारी
- फोटो : अमर उजाला
डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा यथावत चलेंगी। इनमें उपद्रव के चलते कोई बदलाव नहीं किया गया है। कुलपति डा. अरविंद दीक्षित का कहना है कि विश्वविद्यालय की परीक्षाएं तय कार्यक्रम के अनुसार ही संचालित होंगी, कोई बदलाव नहीं है।
दरअसल, शहर में उपद्रव के चलते परीक्षार्थी संशय में थे कि मंगलवार की परीक्षाएं कहीं टाल तो नहीं दी हैं। इस बाबत अमर उजाला कार्यालय में भी परीक्षार्थी फोन कर जानकारी कर रहे थे।
हिंसा के दौरान बच्चे को ले जाता अभिभावक
- फोटो : अमर उजाला
एससी/एसटी एक्ट में बदलाव के विरोध में भारत बंद के दौरान हुई हिंसक बवाल को देखते हुए डीएम ने मंगलवार को इंटरमीडिएट तक के सभी विद्यालय बंद रखने का निर्देश जारी किया है।
मंगलवार को वह विद्यालय ही खुलेंगे, जिनमें बोर्ड की परीक्षाएं संचालित हो रही हैं। निर्देश का पालन न करने वाले स्कूल संचालकों के खिलाफ डीएम ने विधिक कार्यवाही करने की चेतावनी दी है।