फरवरी मध्य से यूपी बोर्ड और मार्च के पहले सप्ताह से सीबीएसई की दसवीं और बारहवीं परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। प्रयोगात्मक परीक्षाएं शुरू हैं, प्री बोर्ड होने वाले हैं। परीक्षा के इस मौसम में भी मंडलीय मनोविज्ञान केंद्र, पंचकुइयां खाली रहता है। पूरे माह में छात्र-छात्राओं को मिलाकर 10-12 लोग ही काउंसलिंग के लिए पहुंचते हैं। आगरा और अलीगढ़ मंडल के आठ जिलों का यह एकलौता मनोविज्ञान केंद्र है।
सीबीएसई-आईसीएसई बोर्ड के छात्र-छात्राएं जहां आनलाइन काउंसलिंग करा रहे, वहीं मंडलीय मनोविज्ञान केंद्र पर कंप्यूटर की उपलब्धता की बात दूर संपर्क के लिए कोई फोन तक नहीं है। स्मार्ट क्लोसेज के दौर में मंडलीय मनोविज्ञान केंद्र में काउंसलिंग के लिए 20 वर्ष पुराना टेस्ट मैटेरियल (बुकलेट-पत्रक) रखा हुआ है। स्कूलों में जाकर भी काउंसलिंग करने की व्यवस्था है, वह भी नहीं हो पा रहा है। महज एक मनोवैज्ञानिक की तैनाती है, यदि वह स्कूल में जाते हैं तो केंद्र पर पहुंचने वाले को वापस लौटना पड़ेगा।
ये होनी चाहिए सुविधाएं
छात्र-छात्राओं के लिए टोल फ्री नंबर जारी किया जाना चाहिए।
कंप्यूटर सेटअप लगाकर, नेट की सुविधा दी जाए, जिससे आनलाइन काउंसलिंग की जा सके। - नए टेस्ट मैटेरियल उपलब्ध कराए जाएं।
कम से कम दो मनोवैज्ञानिक की तैनाती होनी चाहिए।
‘मनोविज्ञान केंद्र की दशा से लगातार उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जा रहा है। संसाधन उपलब्ध नहीं हो रहे। इससे छात्र-छात्राएं कम रुख कर रहे हैं।’
- रामसेवक, मंडलीय मनोवैज्ञानिक
‘विद्यार्थियों को परीक्षा से संबंधित किसी भी समस्या के लिए अध्यापकों से संपर्क करने का सुझाव दिया जाता है। विद्यार्थी अध्यापक से खुलकर बात करने में हिचकिचाते हैं। ऐसे में यदि मंडलीय मनोविज्ञान केंद्र की सक्रिय रहे तो छात्र-छात्राओं को काफी मदद मिल सकती है।’
- डा. यतेंद्र पाल सिंह, प्रधानाचार्य आरबीएस इंटर कालेज
मंडलीय मनोविज्ञान केंद्र में होने वाला कार्य
आगरा। मंडलीय मनोविज्ञान केंद्र में शैक्षणिक, व्यावसायिक और व्यक्तिगत निर्देशन और परामर्श दिया जाता है। छात्र-छात्राओं के अलावा अन्य लोग काउंसलिंग करा सकते हैं। घोषित अवकाश को छोड़कर पूरे वर्ष कार्यालय निर्धारित समय पर खुला रहता है।