नई आबादी, यमुना ब्रिज निवासी शैलेष कुमार ने अपनी शिकायत में बताया है कि पूर्व पार्षद हरीमोहन ने एक कैंप लगाकर लोगों को कम ब्याज पर लोन और सिविल स्कोर सुधारने की योजनाओं की जानकारी दी थी। उन्होंने यह भी बताया था कि 10 हजार रुपये का लोन मिलेगा, जिसकी साप्ताहिक किस्त 630 रुपये होगी, और बाद में 20 हजार रुपये का लोन भी उपलब्ध कराया जाएगा।
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पीड़ित के अनुसार, पूर्व पार्षद हरीमोहन के बेटे लोकेश ने उनका आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक पासबुक की फोटोकॉपी लेकर प्रक्रिया पूरी की। छह फरवरी 2025 को उनके खाते में 9700 रुपये आए, और तब से लगातार किस्तें कटती रहीं। पीड़ित का कहना है कि कुल 8460 रुपये खाते से काटे गए, और उन्होंने 2340 रुपये नकद भी लोकेश को दिए थे। जब खातों से रकम कटती रही, तो बैंक जाकर जानकारी प्राप्त करने पर पता चला कि लोन की राशि 10 हजार नहीं, बल्कि 50 हजार रुपये की है। बाकी रकम उनके खाते में कभी नहीं पहुंची।
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जब पीड़ित ने इस बारे में पूर्व पार्षद और उनके बेटे से पूछताछ की, तो उन्होंने अभद्रता की और जान से मारने की धमकी दी। न्याय की गुहार लगाते हुए पीड़ित ने पुलिस आयुक्त से शिकायत की, जिसके बाद प्राथमिकी दर्ज की गई। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि आरोपों के संबंध में जांच की जाएगी और साक्ष्य संकलन के बाद कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पूर्व पार्षद हरीमोहन का कहना है कि उन्हें प्राथमिकी की जानकारी नहीं है और धोखाधड़ी के आरोप निराधार हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वे पुलिस को साक्ष्य उपलब्ध कराएंगे।
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