किशनी। मां सती देवी मंदिर प्रांगण में चल रही भागवत कथा में रविवार को कथावाचक अशोक द्विवेदी ने प्रवचन दिए। कथावाचक ने कहा कि भागवत कथा का हर प्रसंग भक्ति और ज्ञान रस से भरा हुआ है।
कथावाचक ने कहा कि जब श्री वेदव्यास द्वारा रचित श्रीमद् भागवत कथा में श्रीकृष्ण का अवतार होता है तो सारा कथा मंडप ही वृंदावन और जीवन गोकुल हो जाता है। उन्होंने कहा कि जब देवकी के आठवें गर्भ का समय आया तो कंस को विश्वास हो गया कि इस बार अवश्य ही मुझे मारने वाला विष्णु आया है।
उसने कारागार के आसपास पहरेदारों की संख्या बढ़ा दी। भाद्रपद की अंधेरी रात की अष्टमी तिथि थी। भगवान नन्हें शिशु के रूप में देवकी की गोद में आ गए। पहरेदार सो गए। वासुदेव-देवकी की हथकड़ी अपनेआप खुल गईं। परीक्षित कृष्णपाल तोमर, उमा तोमर, राहुल तोमर, संज्ञा तोमर, अमित राठौर, विनीता चौहान मौजूद रहे।