आगरा। थाना शाहगंज के प्रभारी अपने कारखास पर इस कदर मेहरबान हैं कि उन्हें डीसीपी का आदेश भी नजर नहीं आया। क्रेन संचालक का अपहरण कर थाने लाकर वसूली के आरोप में लाइन हाजिर होने के बाद भी सिपाही की वीआईपी ड्यूटी लगा दी गई। मामले में डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है।
शाहगंज थाना के सराय ख्वाजा क्षेत्र निवासी रईस खां को शाहगंज थाना के दरोगा दीपक और सिपाही सनी मलिक 7 फरवरी को घर से जबरन उठाकर थाने लाए थे। 25 हजार रुपये लेकर रात 11:30 बजे उन्हें छोड़ा गया था। शिकायत पर प्रारंभिक जांच के बाद सिपाही को लाइन हाजिर किया गया। आरोपी दरोगा का कुछ नहीं हुआ।
लिखित आदेश के बाद डाक मिलते ही 19 फरवरी को सिपाही सनी मलिक को लाइन में आमद करानी थी। लाइन हाजिर होने से पहले सिपाही की ड्यूटी थाने की ईगल मोबाइल पर थी। सनी थाना प्रभारी के सभी काम संभालता था। चर्चा है कि इसी वजह से उन्होंने सिपाही को डीसीपी सिटी के आदेश के बाद भी थाने से जाने नहीं दिया। हद तो तब हो गई जब थाना प्रभारी ने क्रोएशिया के प्रधानमंत्री एंड्रेज प्लेनकोविक के आगमन पर वीआईपी ड्यूटी की जिम्मेदारी सिपाही को लिखापढ़ी में दे दी।
उधर, लाइन हाजिर सिपाही की थाने से वीआईपी ड्यूटी लगाने के आदेश की कॉपी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई। हालांकि अधिकारी जांच कर कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
की जा रही है जांच
आदेश जारी होने के बाद संबंधित पुलिसकर्मी को लाइन में आमद करानी होती है। मामले में सिपाही की ड्यूटी कैसे लगी, इसकी जांच की जा रही है। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - सय्यद अली अब्बास, डीसीपी सिटी