काली सूची में शामिल 17 कालेज भी बने सेंटर
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बिना सीसीटीवी कैमरे के ही मूल्यांकन कक्षों पर कापियां जांची जाएंगी। डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने बाहरी तत्वों पर नजर रखने के लिए यह निर्णय लिया था लेकिन अब विश्वविद्यालय अधिकारी सीसी कैमरे की जरूरत नहीं समझते। नौ केंद्रों पर मंगलवार से बीकाम वोकेशनल कोर्स की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू हो रहा है।
मुख्य परीक्षा में 6.54 लाख छात्र शामिल हुए हैं। करीब 80 लाख उत्तरपुस्तिकाएं जांचने को होंगी। इनको जांचने के लिए खंदारी कैंपस में पांच और छलेसर कैंपस में चार केंद्र बनाए गए हैं। दोनों ही स्थानों पर सीसी कैमरे लगने थे, और कंट्रोल रूम परीक्षा नियंत्रक कैंप कार्यालय में बनाया जाना था। छलेसर कैंपस विवि परिसर से करीब 15 किमी दूर है। ऐसी स्थिति में यहां कैमरे अनिवार्य बताए गए थे। इससे परीक्षक, बाहरी तत्वों के अलावा अन्य की गतिविधियां जानी जा सकती थीं। परीक्षा नियंत्रक केएन सिंह का कहना है कि मूल्यांकन कोडिंग सिस्टम से हो रहा है, ऐसे में अब सीसीटीवी कैमरे की जरूरत नहीं है।
आनलाइन फर्जीवाड़े की रिपोर्ट तैयार
रिजल्ट में आनलाइन फर्जीवाड़े की रिपोर्ट तैयार हो गई है। इसमें सेकेंड को फर्स्ट डिवीजन बनाने के खेल का पर्दाफाश हुआ है। रिजल्ट तैयार करने वाली एजेंसी इसे तकनीकी गलती बताकर अपनी कारस्तानी छिपाने की जुगत में है। परीक्षा नियंत्रक ने इसे नकारते हुए तर्क दिया कि, ऐसी गलती एक पेपर में हो सकती है, सभी में नहीं। परीक्षा नियंत्रक केएन सिंह ने बताया आनलाइन फर्जीवाड़ा सही पाया गया है। मूल चार्ट में आरोपियों के सेकेंड डिवीजन के ही नंबर हैं, बाद में इसे फर्स्ट डिवीजन बनाया गया। कुलपति को रिपोर्ट दी जाएगी, अभी वे अवकाश पर बाहर हैं।