शहर का प्रमुख मार्ग ठंडी सड़क अब पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह के नाम से पहचाना जाएगा। वहीं कासगंज रोड स्थित शहीद स्थल का भी नाम बदलकर उनके नाम पर करने की तैयारी है। 28 सितंबर को प्रस्तावित नगर पालिका परिषद की बोर्ड बैठक में ये दोनों महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल किए गए हैं।
नगर पालिका परिषद की इस वित्त वर्ष की बोर्ड बैठक लंबे समय से अधर में लटकी हुई है। सभासदों के बहिष्कार के बाद अब यह बोर्ड बैठक इस साल तीसरी बार बुलाई जा रही है। पहली बार 11 जून को बुलाई गई थी। जिसमें 14 सभासदों ने एजेंडा में पहले से हो रहे विकास कार्यों को शामिल करने के आरोप में बोर्ड बैठक का बहिष्कार किया था। इसके बाद दूसरी बार 31 जुलाई को बुलाई गई बोर्ड बैठक में ईओ को कार्यमुक्त करने के प्रस्ताव को मिनट बुक में दर्ज न करने की वजह से 18 सभासदों ने बोर्ड बैठक का बहिष्कार किया था। जिसके बाद तीसरी बार बोर्ड बैठक 28 सितंबर को बुलाने का फैसला लिया गया है।
तैयार किए गए एजेंडा में दो अहम प्रस्ताव शामिल किए गए हैं। पहला प्रस्ताव ठंडी सड़क के नाम को बदलकर पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह के नाम पर रखे जाने की बात कही गई है। वहीं दूसरे में कासगंज रोड पर स्थित शहीद स्थल का नाम कल्याण सिंह के नाम पर रखे जाने का प्रस्ताव है।
ईओ को कार्यमुक्त करने का भी रखा प्रस्ताव
नगर पालिका परिषद ने बोर्ड बैठक के एजेंडा में जहां 18 सामान्य तो दो विशेष प्रस्ताव भी शामिल किए हैं। जिसमें पहला प्रस्ताव सभासदों द्वारा अधिशासी अधिकारी को कार्यमुक्त किए जाने का समर्थन किए जाने संबंधी दिया गया है। वहीं दूसरा प्रस्ताव नगर पालिका का वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए मूल बजट विचारार्थ है।
नगर पालिका परिषद की वित्तीय वर्ष 2021-22 की बोर्ड बैठक तीसरी बार 28 सितंबर को बुलाई गई है। इसमें मुख्य रूप से 18 प्रस्तावों को शामिल किया गया है। बैठक में सभासद इन पर अपनी सहमति या असहमति बताएंगे।
-मीरा गांधी, अध्यक्ष, नगर पालिका एटा
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