जिले को कुपोषण ने जकड़ लिया है और जिम्मेदार अपनी पीठ थपथपाने में लगे हैं। लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद भी हजारों बच्चे कुपोषण के शिकार हो रहे हैं।
नौ माह से पांच वर्ष तक के बच्चों की जांच में 5,544 बच्चे कुपोषित सामने आए हैं। जिले में बाल स्वास्थ्य पोषण के तहत चलाए जा रहे एक माह के अभियान में नौ माह से पांच वर्ष तक के दो लाख 20 हजार 460 बच्चों को लक्षित किया गया है।
इन बच्चों में रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाने, रतौंधी से बचाव और उपचार, छूटे हुए बच्चों को टीकाकरण, बच्चों में मानसिक दिव्यांगता रोकना शामिल हैं। इस अभियान में विटामिन ए की खुराक पिलाने के साथ-साथ कुपोषित बच्चों को खोजकर, चिह्नित करना और उपचार कराने के लिए आशा, आंगनबाड़ी और एएनएम को लगाया गया है।