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कुपोषण में जकड़ा यूपी का यह जिला, लाखों खर्च के बाद भी बच्चे कुपोषित

Sat, 20 Jul 2019 08:58 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTI
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जिले को कुपोषण ने जकड़ लिया है और जिम्मेदार अपनी पीठ थपथपाने में लगे हैं। लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद भी हजारों बच्चे कुपोषण के शिकार हो रहे हैं।
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नौ माह से पांच वर्ष तक के बच्चों की जांच में 5,544 बच्चे कुपोषित सामने आए हैं। जिले में बाल स्वास्थ्य पोषण के तहत चलाए जा रहे एक माह के अभियान में नौ माह से पांच वर्ष तक के दो लाख 20 हजार 460 बच्चों को लक्षित किया गया है। 

इन बच्चों में रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाने, रतौंधी से बचाव और उपचार, छूटे हुए बच्चों को टीकाकरण, बच्चों में मानसिक दिव्यांगता रोकना शामिल हैं। इस अभियान में विटामिन ए की खुराक पिलाने के साथ-साथ कुपोषित बच्चों को खोजकर, चिह्नित करना और उपचार कराने के लिए आशा, आंगनबाड़ी और एएनएम को लगाया गया है।
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जिले में तीन जुलाई से अभियान की शुरूआत हुई है, इसमें तीन चरणों में करीब 85 हजार बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाई गई है। अभियान के दौरान विटामिन ए की खुराक पिलाने के साथ ही कुपोषण की पड़ताल में 5544 बच्चे कुपोषण के शिकार पाए गए। वहीं 14 बच्चे गंभीर कुपोषित मिले। इन्हें पीएचसी और सीएचसी भर्ती कराकर उपचार कराया जा रहा है।

डा. रामसिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी का कहना है कि बाल स्वास्थ्य पोषण माह के अभियान में करीब 85 हजार बच्चों को कवर किया गया हैं। इनमें से प्रथम कुपोषण की स्टेज पर 5,544 बच्चे सामने आए हैं। 14 बच्चे गंभीर कुपोषण के शिकार पाए गए हैं। यह चिंतनीय है। इन्हें स्वस्थ बनाने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।

आंकड़ों पर एक नजर
220460 जिले में नौ माह से पांच साल तक के बच्चे 
3593 प्रथम चक्र में पिलाई गई खुराक
3576 द्वितीय चक्र में पिलाई गई खुराक
77907 द्वितीय चक्र में पिलाई गई खुराक
85076 अभियान में कुल कवर किए गए बच्चे
5544 कुपोषित बच्चे सामने आए
14 अति गंभीर कुपोषित बच्चे
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