काली सूची में शामिल 17 कालेज भी बने सेंटर
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अब विश्वविद्यालयों और इनसे संबद्ध महाविद्यालयों में भी एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट (एस्मा) लगा दिया गया है। यह 30 जून तक प्रभावी रहेगा। इस अवधि में शिक्षक से लेकर कर्मचारी तक परीक्षा से लेकर मूल्यांकन कार्यों का बहिष्कार नहीं कर सकेंगे।
एस्मा लागू होना डा. भीमराव अंबेडकर विवि प्रशासन के लिए राहत भरा कदम है। विवि के समक्ष सत्र को पटरी पर लाने की चुनौती है। इस कड़ी में परीक्षा समय पर (18 मार्च को) शुरू करा दी गई। मई अंत तक परीक्षाएं चलेंगी। इसके बाद मूल्यांकन कार्य होगा। समय पर परिणाम जारी करने के बाद ही आगामी सत्र पटरी पा आ पाएगा। इन सभी के लिए शिक्षकाें से लेकर कर्मचारियाें तक के भरपूर सहयोग की जरूरत होगी। कई वर्षों से शैक्षणिक कैलेंडर का अनुपालन नहीं हो पा रहा है।
पिछले सत्रों में शिक्षकों और कर्मचारी संघ के बहिष्कार के चलते परीक्षा और मूल्यांकन कार्य प्रभावित हुआ है। विवि में मुख्य परीक्षाएं शुरू होने से पूर्व दो आलाधिकारियों के बीच परीक्षा कार्य को लेकर मारपीट हो चुकी है। सेल्फ फाइनेंस कालेज एसोसिएशन के पदाधिकारियों और शिक्षकों ने भी कुलपति सचिवालय में विरोध प्रदर्शन किया। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई। इसके बाद एस्मा लगाने का निर्णय लिया गया।
विवि सहित सभी महाविद्यालयों में 30 जून तक एस्मा लगा दिया गया है। इस अवधि में शिक्षक से लेकर कर्मचारी तक हड़ताल नहीं कर सकेंगे। ऐसा करना उनको भारी पड़ सकता है।
- केएन सिंह, कुलसचिव,
डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय
क्या है एस्मा
हड़ताल पर अंकुश लगाने के लिए एस्मा लगाया जाता है। इसे लागू करने से पूर्व इससे प्रभावित होने वाले कर्मचारियों को किसी भी माध्यम से सूचित किया जाता है। एस्मा लागू होने के बाद भी यदि कर्मचारी हड़ताल पर जाता है तो वह दंडनीय है। सीआरपीसी के तहत संबंधित कर्मचारी को बिना किसी वारंट के गिरफ्तार किया जा सकता है।