सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जिले में हाईवे किनारे की 179 शराब की दुकानें बंद हो गई हैं। इनमें से 116 दुकानें हाईवे से 500 मीटर दूर शिफ्ट हो रही हैं। शेष 63 दुकानों को आबकारी विभाग ने सील करवा दिया है। हाईवे किनारे के आठ बार भी बंद करा दिए हैं।
पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने हाईवे किनारे शराब की बिक्री प्रतिबंधित कर दी थी। इसके चलते आबकारी विभाग ने इस बार हाईवे किनारे न तो नये लाइसेंस जारी किए थे और न ही पुरानों का नवीनीकरण किया था। इसके चलते 31 मार्च को रात 11 बजे के बाद से जिले के 179 शराब की दुकानों का संचालन बंद कर दिया गया। जिला आबकारी अधिकारी एलबी यादव का कहना है कि 116 ठेका संचालकों ने अपनी दुकानें शिफ्ट करने का आदेश दिया है। शेष दुकानों पर सील लगवा दी गई है। अगर किसी को अपना स्टॉक निकालना है तो वह विभाग से अनुमति लेगा। इसके बाद विभाग के कर्मचारी की देखरेख में ही स्टाक जाएगा।
भोगीपुरा में सील की दुकान
आबकारी विभाग ने भोगीपुरा चौराहा के पास एक शराब की दुकान को सील कर दिया। आबकारी विभाग की टीम का कहना है कि उक्त दुकान सीओडी चौराहा के आसपास के लिए आवंटित की गई थी। जबकि उसने भोगीपुरा क्षेत्र में यह दुकान खोली है। इधर, ठेका संचालक का कहना है कि उसकी दुकान नियमानुसार ही खुली हुई है। आबकारी विभाग ने गलत कार्रवाई की है। वह जिलाधिकारी से इसकी शिकायत करेंगे।
रोहता के पास खुले शराब के ठेके
आगरा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद ग्वालियर हाईवे पर रोहता के पास शनिवार को शराब के ठेके खुले। यहां दिनभर शराब की बिक्री हुई। यह ठेके सुबह से लेकर देर रात तक ख्ुाले रहे। जिला आबकारी अधिकारी का कहना है कि ग्वालियर हाईवे बाद (जगह का नाम) से शुरू होता है। लिंक रोड के आसपास शराब की दुकानें खुल सकती हैं।
शराब की दुकानों का विरोध गलत है। यदि कोई ठेका संचालक नियमों के विरुद्ध अपनी दुकान खोल रहा है तो लोग प्रशासन में इसकी शिकायत करें। इसका समाधान निकाला जाएगा। मगर, किसी को भी कानून व्यवस्था में व्यवधान उत्पन्न नहीं करने दिया जाएगा।
- गौरव दयाल, डीएम