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आगरा के इस अस्पताल में मरीज करते हैं चिकित्सक का 'इंतजार', नहीं मिलता 'उपचार'

Wed, 11 Dec 2019 12:21 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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ईएसआई अस्पताल चिकित्सकों के कमरे बंद - फोटो : अमर उजाला
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ईएसआई अस्पताल में चिकित्सकीय सेवाएं चौपट हाल में मिलीं। यहां चिकित्सकों के कमरे बंद मिले, जो खुले हुए थे उनमें डॉक्टर नहीं बैठे थे। इससे दूरदराज से आए मरीज इलाज के लिए इंतजार करते रहे।
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सुबह करीब 11:30 बजे ईएसआई हॉस्पिटल की पड़ताल की तो इसकी चिकित्सकीय सेवाओं की पोल खुल गई। सर्जरी, फिजीशियन कक्ष बंद थे, बाहर मरीज बैठे इंतजार कर रहे थे। हड्डी रोग विभाग पर ताला लगा था।

होम्योपैथिक कक्ष और मरहम पट्टी कक्ष खुला हुआ था, लेकिन सीट पर कोई नहीं था। स्टाफ ने मरीजों को बताया कि चिकित्सक चाय पीने गए हुए हैं। करीब 12:30 बजे के बाद चिकित्सक आए और बाहर धूप में बैठकर मरीजों को देखने लगे।
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ईएसआई अस्पताल - फोटो : अमर उजाला
जिम्मेदार बोले, जवाब तलब कराता हूं
विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए शासन को पत्र भेजा है। चिकित्सक तो अपने पटल से गैरहाजिर हैं, उनको नोटिस भेजकर जवाब तलब करता हूं। उनको तस समय तक मरीजों को देखने की हिदायत भी दी जाएगी। -डॉ. राजेंद्र सिंह, निदेशक

डॉक्टर नहीं होने से ऑपरेशन भी नहीं हो रहे
ईएसआई अस्पताल से 1.23 लाख कर्मचारियों के परिवार जुड़े हुए हैं। यहां पर सर्जन नहीं होने के कारण ऑपरेशन बंद हैं। ईसीजी, इको तक की सुविधा नहीं मिल रही है। दांत रोग, त्वचा रोग, बाल रोग, नेत्र रोग, रेडियोलॉजिस्ट, एनेस्थीसियन लंबे समय से नहीं हैं।

ऐसे में मरीजों को अस्पताल से जुड़े पुष्पांजलि हॉस्पिटल, पुरुषोत्तम दास सावित्री देवी कैंसर अस्पताल, मूलचंद हॉस्पिटल और एसएन के लिए रेफर किया जा रहा है। मरीजों ने बताया कि प्राइवेट अस्पतालों में भी बमुश्किल इलाज मिल पा रहा है।
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ईएसआई अस्पताल में मरीज - फोटो : अमर उजाला
12 डॉक्टरों की दरकार, मौजूद हैं छह
100 बेड की क्षमता वाले अस्पताल में रोजाना 150-180 मरीजों की ओपीडी हो रही है। यहां पर विभिन्न मर्ज के 12 चिकित्सकों की दरकार है, लेकिन छह ही मौजूद हैं। नर्सिंग स्टाफ की भी भारी कमी है। इनके 13 पद हैं और दो ही मौजूद हैं। इससे चिकित्सकीय सेवाएं पटरी से उतरी हुई हैं।

मरीज बोले, घंटों से कर रहे इंतजार
डेढ़ घंटे से इंतजार कर रहा हूं, चिकित्सक नहीं आए हैं। स्टाफ चाय पीने की बात बता रहा है।  -धर्मेंद्र कुमार खंदारी

कमर और जोड़ में दर्द रहता है। यहां दिखाने आई, लेकिन डॉक्टर नहीं मिले, कमरा भी बंद है। -संग्रामी देवी लोहामंडी

इलाज के लिए पिताजी को लेकर आया हूं, कमरे बंद हैं। यहां रोजाना का यही हाल रहता है। -सुशांत तिवारी, इंद्रापुरम

गर्दन की परेशानी है, साढ़े दस बजे से दो घंटे हो गए, डॉक्टर नहीं मिले हैं। यहां कोई सुनवाई नहीं। -दिनेश चंद्र, किरावली
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