मिर्गी की बीमारी पर तमाम भ्रांतियां हैं, जिससे रोग की गंभीरता बढ़ रही है। अपील की जा रही है कि मिर्गी का दौरा पड़ने पर जूता-चप्पल और प्याज कतई न सुंघाएं। विश्व मिर्गी दिवस पर सोमवार को एसोसिएशन फिजीशियंस ऑफ इंडिया और इंडियन एपिलेप्सी सोसाइटी की वेबिनार में देश-विदेश के 400 से अधिक चिकित्सक जुड़े।
दुनियाभर में मिर्गी का सामान्य कारण सिर में चोट लगना है, जबकि भारत में इसका प्रमुख कारण न्यूरोसाइस्टिसरोसिस (तंत्रिका तंत्र का परजीवी रोग) है। माइग्रेन, स्ट्रोक और अल्जाइमर के बाद यह सबसे आम न्यूरोलॉजिकल रोगों में से एक है। मिर्गी के रोगियों को चिकित्सक की सलाह के अनुसार दवाई लेनी चाहिए। पर्याप्त व्यायाम, स्वस्थ आहार का ध्यान रखकर पर्याप्त नींद लेनी चाहिए।
- मिर्गी का दौरा पड़ने पर करवट के बल मरीज को लिटाएं।
- मुंह में चम्मच न लगाएं, हाथ-पैरों को न पकड़ें।
- दौरा पड़ते वक्त मरीज का वीडियो बनाकर डाॅक्टर को दिखाएं।
- मिर्गी के रोगी देर रात तक न जागें।
- चाऊमीन समेत चायनीज भोजन न खाएं।
- वाहन न चलाएं, तैराकी भी न करें।
- दवाओं का नियमित सेवन करें, इसे बंद न करें।