कासगंज। जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने कलक्ट्रेट सभागार में नगर विकास और जलनिगम सहित खाद्य रसद से संबंधित योजनाओं के कार्यों की समीक्षा बैठक की। वहीं, योजनाओं और कार्यों की प्रगति रिपोर्ट को जाना। वहीं, जलनिगम अधिशाषी अभियंता की समीक्षा बैठक में अनुपस्थिति पर डीएम ने नाराजगी जताई।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत जिन लाभार्थियों ने पहले लिया हुआ ऋण चुका दिया गया है। उन लाभार्थियों को दूसरी बार 20000 रुपये ऋण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस ऋण के लिए 356 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। भरगैन, बिलराम और मोहनपुर में योजना की स्थिति खराब देखते हुए संबंधित ईओ को लाभार्थियों से ऑनलाइन आवेदन कराने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने कहा कि गंजडुंवारा और पटियाली में जो गोशाला का निर्माण हो रहा है, उसमें जितनी धनराशि मिल रही है। उस धनराशि से सबसे पहले गायों के लिए शेड और भूसा भंडारण कक्ष बनवाए जाएं। अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता सर्वेक्षण, स्वच्छ भारत मिशन, डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन, उसकी डम्पिंग आदि की समीक्षा करते हुए विस्तार से पूछताछ की गई। अमृत योजना की समीक्षा के दौरान अधिशाषी अभियंता जलनिगम के अनुपस्थित होने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। अमृत योजना के अंतर्गत नगर पालिका कासगंज मेें बने चार पार्कों में हुए कार्यों की समीक्षा की गई। डीएम ने कहा कि सरकारी संस्थाओं में जो लोग खाद्य वस्तुओं का कार्य करते हैं, उनका रजिस्ट्रेशन कराया जाना अनिवार्य है। नहरों में टेल तक पानी पहुंचने की समीक्षा के दौरान बताया गया कि नहरों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करा दी गई है। डीएम ने गेहूं खरीद की समीक्षा करते हुये आवश्यक दिशा निर्देश दिये। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी तेज प्रताप मिश्र, अपर जिलाधिकारी एके श्रीवास्तव, एसडीएम विनोद जोशी, एलडीएम बलविंदर सिंह, खाद्य एवं विपणन अधिकारी विजय शुक्ल, सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी एवं ईओ उपस्थित रहे।