हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने सेंट पीटर्स कॉलेज में डा. दीपिका उपाध्याय की किताब स्त्री को स्त्री रहने दो के विमोचन के अवसर पर नारी को त्याग और तपस्या की मूरत बताया। कहा कि इतिहास से गलतियां हुईं हैं, समाज पुरुष प्रधान बना रहा। जैन धर्म के सारे तीर्थकर पुरुष थे, हमारे सारे अवतार पुरुष हुए। ऐसा क्यों? युधिष्ठर ने द्रौपदी को दांव पर लगा दिया, सीता को अग्निपरीक्षा देनी पड़ी। पुरुष प्रधान समाज की मानसिकता बदलनी होगी, नारी को बराबरी और सम्मान देना होगा।
उन्होंने नारी वात्सल्य, प्रेम, संवेदनशीलता और समर्पण का साया है। उन्होंने नारी की तुलना ईश्वर से की क्योंकि वह भी जीवन का सृजन करती है। हिमाचल के पूना जिले का उदाहरण देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग पाखंडी हो गए हैं। इस जिले में लड़कियों का अनुपात पूरे सूबे से कम है। माता चिंतपूर्णी को पूजने वाले नगर में यह साफ-साफ कन्या भ्रूण हत्या की ओर इशारा है। बोले, यही नहीं नारी को सिर्फ शरीर रह गई है। बच्चों का बंद कमरों में मोबाइल में झांकना, छोटी बच्चियों से रेप भी भौतिकता का नतीजा हैं। उपाय प्राचीन संस्कृति अपनाना है।
पुस्तक लेखिका दीपिका उपाध्याय ने बताया कि निर्भया कांड के बाद उन्हें लिखने का ख्याल आया। किताब में स्त्रियों की दशा पर 39 हस्तियों के विचार हैं। इससे पहले मुख्य अतिथि और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री कलराज मिश्र, मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री डा. रामशंकर कठेरिया, आर्क विशप डा. एल्बर्ट डिसूजा और फादर पॉल थानिकल ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में योगेश हरिहर पुरी, मौलाना उजैर आलम, पंडित केशव दीक्षित, एमएलए योगेंद्र उपाध्याय, प्रो. सुधीर कुमार आदि मौजूद थे।
यादव सिंह पर बोले, सब सिकंदर बनने में लगे हैं
शांता कुमार ने कहा कि आधुनिक भौतिकवाद की दौड़ में सबकी कोशिश है कि जैसे-तैसे करोड़पति बन जाएं। एक इंजीनियर ने हजार करोड़ की संपत्ति जुटा ली। सिकंदर बनने वालों को सोचना होगा वह भी खाली लौटा था। यह लालच नहीं पागलपन है। उन्होंने कहा कि गीता, रामायण, तीर्थस्थान, हर ओर मंदिर फिर भी ट्रांसपैरेंसी इंटरनेशनल की रिपोर्ट कहती हैं कि भारत भ्रष्टाचार में अग्रणी हैं। यह कथनी करनी का अंतर है।
धर्मांतरण पर कलराज ने कहा, नो कमेंट
मुख्य अतिथि कलराज मिश्र से जब पत्रकारों ने आगरा में धर्मांतरण पर सवाल पूछा तो मंत्री ने साफ कहा कि वे इस बारे में कुछ नहीं बोलेंगे। क्या सरकार के कामकाज में संघ के एजेंडे से दिक्कत आ रही है, तो भी उन्होंने कहा, नो कमेंट।