आगरा में सीवर और वाटर लाइन लीकेज से सड़क धंसने की घटनाओं पर नगर आयुक्त ने सख्त रुख अपनाया है। अब ऐसी घटनाओं के लिए संबंधित इंजीनियर और कार्यदायी संस्था को सीधे जिम्मेदार माना जाएगा।
सीवर और वाटर लाइन लीकेज से सड़क धंसने पर इंजीनियर को सीधे जिम्मेदार माना जाएगा। यह निर्देश नगर आयुक्त ने कमला नगर के कर्मयोगी एन्क्लेव में फव्वारे के पास धंसी सड़क के निरीक्षण के समय दिया। धंसी सड़क की रात में मरम्मत शुरू कर दी गई। बारिश के कारण यहां मलबा डालकर गड्ढा भर दिया गया। जलकल अधिशासी अभियंता संघभूषण से लीकेज लाइन बदलवाने को कहा है।
नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने बताया कि कर्मयोगी एन्क्लेव में धंसी सड़क की घटना के बाद ऐसे सभी मामलों में कार्रवाई की जाएगी। जलकल से एक सप्ताह में सर्वे कराकर रिपोर्ट मांगी गई है। तब तक बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था करने को कहा गया है। वीए टेक वबाग बारिश रुकने पर यहां 30 मीटर पाइपलाइन बदलेगी। करीब 600 मिमी. व्यास की सीवर लाइन बदली जाएगी।
यहां 18 फीट गहराई पर सीवर लाइन डाली गई थी, जो वर्ष 2007-08 में पड़ी थी। अब तक चार बार इसी रोड पर सीवर लाइन लीकेज के कारण धंस चुकी है। नगर आयुक्त ने कहा कि ऐसे हर मामले में जवाबदेही तय होगी। भविष्य में यदि सीवर या वाटर लाइन लीकेज के कारण सड़क धंसने अथवा क्षतिग्रस्त होगी तो संबंधित अधिकारी और कार्यदायी संस्था की जिम्मेदारी होगी।