थाने में दूल्हा और पिता पुलिस से बातचीत करते हुए
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वेबसाइट पर रिश्ता तय करके बरात लेकर आगरा आए मुंबई के सॉफ्टवेयर इंजीनियर को होटल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाना इतना भारी पड़ गया कि वह हवालात पहुंच गया। दुल्हन के पिता ने उस पर 25 लाख रुपये दहेज मांगने का आरोप लगाकर पुलिस को बुला लिया। पुलिस दूल्हे और उसके पिता को पकड़कर थाने ले आई और उन्हें हवालात में डाल दिया। मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। शादी भी नहीं हुई।
मूलरूप से गाजीपुर निवासी महेंद्र प्रसाद शर्मा मंडी परिषद में सीनियर असिस्टेंट हैं। वह एत्माद्दौला के कृष्णा गोल्ड कॉलोनी में रहते हैं। उनकी बेटी प्रीति ने बैचलर ऑफ आप्टोमेट्री किया है। उसका रिश्ता मुंबई के पनवेल निवासी सेवानिवृत्त नायाब सूबेदार रामपलट के बेटे रवि प्रकाश के साथ हुआ था। वह सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। दोनों का रिश्ता शादी की वेबसाइट पर पंजीकरण के बाद तय हुआ था। 11 दिसंबर को होटल ताज विलास से शादी करने की बात हुई।
नौ दिसंबर को मुंबई से छह लोग बरात में आए। इसमें दूल्हे के पिता रामप्रकाश शर्मा, मां, बहन सहित अन्य लोग थे। महेंद्र प्रसाद ने दूल्हे सहित बरातियों को कालिंदी विहार स्थित होटल त्यागराज में ठहराया था। गुरुवार की सुबह होटल की व्यवस्थाओं को लेकर दूल्हे पक्ष ने आपत्ति जाहिर की। दुल्हन के पिता महेंद्र ने पुलिस को बताया कि उन्होंने दूसरे होटल में कमरे बुक कर दिए। इसके बावजूद ससुराली नहीं माने और अभद्रता करने लगे। इसके अलावा 25 लाख रुपये की मांग करने लगे। इसका विरोध किया तो मारपीट कर दी।
कंगन उतारकर दूल्हे पर फेंके
होटल में हंगामा होने के बाद दुल्हन भी पहुंच गई। उसने कंगन उतारकर दूल्हे पर फेंक दिया। सूचना पर पुलिस आ गई। पुलिस ने दूल्हे और उसके पिता को पकड़ लिया। उन्हें थाने ले आए। इस मामले में महेंद्र की तहरीर पर दहेज की मांग, मारपीट, गालीगलौज और जान से मारने की धमकी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। यह भी आरोप लगाया कि दूल्हा पक्ष ने दहेज नहीं देने पर शादी करने से इनकार कर दिया।
विवेचना के बाद होगी कार्रवाई
थाना के प्रभारी निरीक्षक उमेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों को जमानत देकर नोटिस जारी किया गया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
'दुल्हन डॉक्टर नहीं है, होटल में भी व्यवस्था खराब थी'
दूल्हे के पिता का कहना था कि युवती को उसके पिता ने आंखों की डॉक्टर बताया था, जबकि वह डॉक्टर नहीं है। होटल में भी ठीक से व्यवस्थाएं नहीं की गई थीं। इस बात के बारे में कहने पर दुल्हन पक्ष के लोग भड़क गए और उनसे मारपीट की गई।
दहेज लोभी को सबक सिखाना था
लड़की पक्ष का कहना था कि बरातियों को खाना खिलाने और अन्य सामान मुहैया कराने के लिए दूर नहीं जाना पड़े, इसके लिए घर के पास का होटल करा दिया था। बाकी रस्में दूसरे होटल में होनी थी। मगर, दहेज की मांग करके दूल्हे ने विवाद किया। बेटी भी दहेज लोभी दूल्हे को सबक सिखाना चाहती थी, इसलिए उसने भी शादी से इनकार कर दिया।