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स्वच्छता अभियान पर पलीता, पिंक टॉयलेट को मलबे से घेरा, स्मार्ट टॉयलेट को बना दिया दुकान

Sat, 04 Jan 2020 04:20 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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पिंक और स्मार्ट टॉयलेट के पास अतिक्रमण - फोटो : अमर उजाला
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आगरा में पिंक टॉयलेट समेत सार्वजनिक शौचालयों की सफाई के नाम पर नगर निगम 13.59 लाख रुपये हर महीने खर्च करता है, लेकिन पिंक टॉयलेट का इस्तेमाल ही नहीं हो रहा। कई जगह यहां ताले लगे हैं तो ज्यादातर पिंक टॉयलेट तक जाने का रास्ता ही बंद कर दिया गया है। 
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नगर निगम से महज 200 मीटर दूरी पर पिंक टॉयलेट के गेट के बाहर मलबा पड़ा है। संजय प्लेस कासमास मॉल के ठीक सामने वजीरपुरा मोड़ पर बने पिंक टायलेट के ताले तो खुले हैं, लेकिन तीन तरफ से यह मलबे से घिरा हुआ है। पानी की व्यवस्था तो है नहीं, कूड़े के ढेर इससे सटाकर ही लगे हैं। 

स्मार्ट टॉयलेट बन गए स्टॉल

फतेहाबाद रोड समेत स्मार्ट सिटी एरिया में पीपीपी मॉडल पर स्मार्ट टॉयलेट बनाए गए हैं जो पूरी तरह से ऑटोमेटिक हैं। फतेहाबाद रोड पर विद्युत सबस्टेशन के सामने और ताजगंज पुरानी मंडी चौराहे पर बने स्मार्ट टॉयलेट पर अवैध कब्जे हो चुके हैं।
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स्मार्ट टॉयलेट को स्टाल बनाकर यहां गर्म कपड़ों की बिक्री हो रही है तो विद्युत सबस्टेशन के सामने बने टॉयलेट के आगे पार्किंग बनी है। यहां पर्यटक या यूजर का पहुंचना ही मुश्किल है।
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नगर आयुक्त ने यह कहा

सवाल: पिंक टॉयलेट पर ताले हैं और कुछ जगह मलबा पड़ा है, लोग कैसे उपयोग करें।
जवाब: हर पिंक टॉयलेट पर हमने महिला कर्मी को तैनात किया है। संभव है कि किसी एक पर ताला या मलबा हो, पर बाकी काम कर रहे।
हैं। कहीं कोई पिंक टॉयलेट बंद है तो इसकी जानकारी हमारे अधिकारी को या मुझे दें, कार्रवाई होगी।
सवाल: स्मार्ट टॉयलेट को दुकानें बना दिया गया है, यह भी इस्तेमाल नहीं हो रहे।
जवाब: स्मार्ट टॉयलेट पीपीपी मॉडल पर बनाए गए हैं। जहां पर आप बता रहे हैं, वहां से दुकानों को हटवा दिया जाएगा। संभव है कि किसी ने गर्म कपड़े बेचने के लिए दुकान लगा दी हो, पर यह अस्थायी होगी। जो कर्मचारी वहां तैनात है, उसकी जिम्मेदारी है
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