पिंक और स्मार्ट टॉयलेट के पास अतिक्रमण
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आगरा में पिंक टॉयलेट समेत सार्वजनिक शौचालयों की सफाई के नाम पर नगर निगम 13.59 लाख रुपये हर महीने खर्च करता है, लेकिन पिंक टॉयलेट का इस्तेमाल ही नहीं हो रहा। कई जगह यहां ताले लगे हैं तो ज्यादातर पिंक टॉयलेट तक जाने का रास्ता ही बंद कर दिया गया है।
नगर निगम से महज 200 मीटर दूरी पर पिंक टॉयलेट के गेट के बाहर मलबा पड़ा है। संजय प्लेस कासमास मॉल के ठीक सामने वजीरपुरा मोड़ पर बने पिंक टायलेट के ताले तो खुले हैं, लेकिन तीन तरफ से यह मलबे से घिरा हुआ है। पानी की व्यवस्था तो है नहीं, कूड़े के ढेर इससे सटाकर ही लगे हैं।
स्मार्ट टॉयलेट बन गए स्टॉल
फतेहाबाद रोड समेत स्मार्ट सिटी एरिया में पीपीपी मॉडल पर स्मार्ट टॉयलेट बनाए गए हैं जो पूरी तरह से ऑटोमेटिक हैं। फतेहाबाद रोड पर विद्युत सबस्टेशन के सामने और ताजगंज पुरानी मंडी चौराहे पर बने स्मार्ट टॉयलेट पर अवैध कब्जे हो चुके हैं।
स्मार्ट टॉयलेट को स्टाल बनाकर यहां गर्म कपड़ों की बिक्री हो रही है तो विद्युत सबस्टेशन के सामने बने टॉयलेट के आगे पार्किंग बनी है। यहां पर्यटक या यूजर का पहुंचना ही मुश्किल है।