आगरा में सदर तहसील अंतर्गत सरकार की बेशकीमती जमीन पर सालों बाद भी कब्जे से मुक्त नहीं हो पाई है। इस पर विद्यालय संचालित हो रहा है। लेखपाल चौधरी भीमसेन की जांच में इसकी पुष्टि हो चुकी है।
विद्यालय प्रबंधक को जमीन खाली करने के आदेश साथ ही 1.80 करोड़ का जुर्माना भरने को कहा गया है। मामले की सुनवाई न्यायिक तहसीलदार सदर के यहां चल रही है।
मामला सदर तहसील अंतर्गत मौजा तोरा का है। यहां भूखंड संख्या 114 पर अवैध कब्जा लिया गया है। इसका क्षेत्रफल 0.262 हेक्टेयर है। बताया जा रहा है कि यह खेलकूद मैदान की जगह थी। इस पर पूर्व में प्राइमरी पाठशाला का प्रस्ताव था।
मगर, तत्कालीन अधिकारियों ने इसे खारिज कर दिया था। इसके बाद यहां कविरत्न सत्यनारायण इंटर कालेज खोल दिया गया। मामला संज्ञान में आने के बाद लेखपाल भीमसेन से इसकी जांच कराई गई। इसमें कालेज प्रबंधन जमीन के पट्टे के संबंध में कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सका।
उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट तहसीलदार न्यायिक, सदर को सौंप दी है। इस मामले की वहीं सुनवाई चल रही है। वहीं, पूरे मामले को जिला शासकीय राजस्व अधिवक्ता के पास पड़ताल के लिए भेजा रहा है।
इस संबंध में तहसीलदार न्यायिक की ओर से कालेज के प्रबंधक को नोटिस भी जारी किया गया है। इसमें उन्होंने भूखंड के क्षतिपूर्ति पर 1.80 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
मुक्त नहीं हो पाईं सरकारी जमीन
प्रदेश में सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी जमीनों को कब्जे से मुक्त कराने के आदेश दिए थे। शुरुआत में तो इस पर कवायद हुई लेकिन बाद में यह आदेश भी ठंडे बस्ते में पड़ गया। अभी भी कई विभागों की सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे हैं।
सबसे ज्यादा खानापूर्ति सिंचाई विभाग ने की। अरबों की रुपये कीमत की जमीन को कब्जे से मुक्त नहीं करा पाया है। वरिष्ठ अधिकारियों को दिखाने के लिए कुछ अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाकर इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी। इसके बाद पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया।