कासगंज। शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान का खुलेआम मजाक बन रहा है। नगर पालिका प्रशासन द्वारा इनके विरुद्ध चालान की कार्रवाई जा रही है, लेकिन इसके बाद भी लोग नहीं सुधर रहे हैं। उन्हें नगर पालिका एवं पुलिस प्रशासन का शायद कोई डर नहीं है। इससे मार्ग संकरे हो जाते हैं और जाम की समस्या बन जाती है।
शहर के सोरों गेट बाजार, बिलराम गेट बाजार, नदरई गेट बाजार, गांधी मूर्ति, कासगंज-सोरों फोर-लेन मार्ग, लक्ष्मीगंज में अतिक्रमण करने वालों का बोलबाला है। यहां दुकानों के आगे तीन से चार फुट तक दुकानदारों ने सड़क के फुटपाथ को घेर लिया है। दुकानों के आगे बने फुटपाथ पर दुकानदारों ने स्थाई रूप से कब्जा कर रखा है। दुकानों के दोनों ओर सड़क पर ही अतिक्रमण फैला लिया है। इससे मार्ग संकरे हो गए हैं।
अतिक्रमण के कारण यहां पल-पल जाम लगने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन अतिक्रमण करने वालों पर पर कोई असर नहीं है। पालिका द्वारा इन दिनों अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन यह सिर्फ औपचारिकता और चालानी कार्रवाई तक सीमित रह गया है। प्रशासन की ढीली कार्रवाई के चलते अतिक्रमण कम नहीं हो रहा है।
पालिका की टीम वापस जाने के बाद यह अतिक्रमण करने वाले फिर से सड़क पर सामान फैलाकर अतिक्रमण कर लेते हैं। जिससे मार्ग सकरा हो जाता है और जाम की समस्या बन जाती है। लोगों ने जिला प्रशासन से इन अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। जिससे लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़ें।
इस वजह से नहीं हट पा रहे अतिक्रमण
बाजारों से अतिक्रमण न हट पाने की मुख्य कारण है कि नगरपालिका अतिक्रमण कारियों के खिलाफ कोई भी सख्त कार्रवाई नहीं कर रही है। पालिका कर्मचारी अभियान के दौरान सामान उठाकर तो ले जाते हैं, लेकिन नेताओं की सिफारिश के चलते कुछ ही देर में सामान वापस भी दे देते हैं। इससे इनके हौसले बुलंद हैं। जुर्माना की कार्रवाई भी सीमित धनराशि तक की जाती है। अतिक्रमणकारी जुर्माना अदा कर देते हैं, लेकिन अपनी आदत को नहीं बदल रहे हैं। इसके चलते बाजारों में फिर से अतिक्रमण फैल जाता है।
वर्जन
पालिका द्वारा लगातार अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा है। नोटिस के साथ जुर्माने की भी कार्रवाई की जा रही है। फिर से नगर में अभियान चलाया जाएगा। - मीना माहेश्वरी, नगर पालिकाध्यक्ष