आगरा। भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की जयंती पर किसान दिवस पर सम्मानित किए गए किसान करीब डेढ़ साल बाद भी सम्मान की राशि के लिए भटक रहे हैं। किसान अब भी पुरस्कार राशि का इंतजार कर रहे हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का जन्मदिवस हर साल 23 दिसंबर को किसान दिवस के रूप में मनाया जाता है। कृषि विभाग हर साल किसानों का सम्मान करता है। इसमें कृषि, मत्स्य, पशुपालन और उद्यान विभाग के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों का सम्मानित करने के लिए चयनित किया जाता है। उनमें प्रथम स्थान पर आने वालों को 7 हजार और द्वितीय को 5 हजार की पुरस्कार राशि सीधे खाते में दी जाती है। 2024 के चयनित किसानों को मंच से प्रशस्ति पत्र तो दे दिए, लेकिन खाते में पुरस्कार राशि नहीं आई है। इस सम्मान समारोह के लिए मत्स्य, पशुपालन, उद्यान में छह किसान और कृषि में रबी-खरीफ की फसलों के लिए 12 किसानों को चुना गया। इस तरह कुल 30 किसानों को पुरस्कृत किया गया था। किसानों की पुरस्कार राशि निदेशालय से जारी कर दी गई है, लेकिन खातों में नहीं पहुंची। इस संबंध में उपनिदेशक, कृषि मुकेश कुमार का कहना है कि तकनीकी कारणों से पुरस्कार राशि खातों में नहीं आई है। रिमाइंडर भेज दिया है। शीघ्र खातों में पहुंच जाएगी।
नोट: तीनों किसानों के पासपोर्ट फोटो हैं ....
ब्लॉक खंदौली की ग्राम पंचायत पोइया के बालक दास ने बताया कि उन्हें मछली उत्पादन के लिए द्वितीय स्तर का प्रशस्ति पत्र मिला था। अभी तक पुरस्कार राशि नहीं मिली है। कई बार विभाग में जानकारी कर चुके हैं, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है।
किरावली के नंद किशोर ने बताया कि वह मत्स्य और कृषि विभाग में कई चक्कर लगा चुके हैं। कह दिया जाता है पुरस्कार राशि आ जाएगी, लेकिन कब आएगी पता नहीं।
एत्मादपुर ब्लॉक के शेखपुरा गांव के लाखन सिंह त्यागी ने बताया कि उन्हें दुग्ध उत्पादन के लिए पशुपालन विभाग ने सम्मान के लिए चयनित किया था। तभी बताया था सात हजार की पुरस्कार राशि मिलेगी, लेकिन डेढ़ साल होने को आ गया। अभी तक नहीं आई है।