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यूूनिवर्सिटी से कर्मचारियों का रिकार्ड भी गायब

Wed, 09 Dec 2015 01:54 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा।
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डा. बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी के मार्कशीट घोटाले में फंसे कर्मचारियों और अधिकारियों को बचाने के लिए एक और हथकंडा अजमाया गया है। बीएड और गोपनीय चार्ट विभाग के कर्मचारियों की 2006 से 2009 तक  की नियुक्ति का रिकार्ड गायब कर दिया गया है। इन सभी के खिलाफ एसआईटी ने एफआईआर दर्ज करने की तैयारी कर रखी है। केस दर्ज करने के लिए ही डाटा मांगा गया था। यूनिवर्सिटी ने लिस्ट भेजने के बजाय पत्र भेजकर 10 दिन की मोहलत मांग ली  है।
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एसआईटी 2005 से 2009 तक हुए इस घोटाले की जांच लगभग पूरी कर चुकी है। इसमें 83 निजी कालेजों से 25,000 जाली मार्कशीट बेची गई थीं। इनसे 4,500 सहायक अध्यापक नियुक्त हो चुके हैं। वर्ष 2005 सत्र की एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। अब 2006 से 2009 तक की रिपोर्ट दर्ज होनी है।
इसके लिए 15 नवंबर को एसआईटी ने यूनिवर्सिटी के कुलपति और रजिस्ट्रार से इस अवधि में तैनात रहे अधिकारियों और कर्मचारियों की लिस्ट पांच दिसंबर तक मुहैया कराने के लिए कहा था। अधिकारियों में कुलपति और रजिस्ट्रार भी शामिल हैं। कर्मचारियों में सिर्फ बीएड सेक्शन और गोपनीय चार्ट विभाग के क्लर्क हैं। केस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि लिस्ट के बजाय यूनिवर्सिटी की ओर से एक खत भेजा गया।
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इसमें कहा है कि कर्मचारियों का रिकार्ड मिल नहीं पाया है। इसे ढूंढने के लिए 10 दिन (15 दिसंबर तक ) का समय और चाहिए। उधर, यूनिवर्सिटी के सूत्रों का कहना है कि यह रिकार्ड केवल नियुक्ति कार्यालय से मिल सकता है। एसआईटी का खत आते ही यह रिकार्ड गायब करा दिया गया।
...तो दर्ज करानी होगी एफआईआर
सूत्रों का कहना है कि एसआईटी अब सख्ती के मूड में है। अगर 15 दिसंबर तक लिस्ट नहीं भेजी जाती है तो उन अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी, जिनके कब्जे में यह रिकार्ड रहता है। बता दें, इससे पहले बीएड का 2005 से 2009 तक का रिकार्ड गायब मिला था। जांच के दौरान पिछले दिनों पता चला कि 2013 तक का रिकार्ड गायब कराया जा चुका है।
एसआईटी को देंगे जवाब : रजिस्ट्रार
कर्मचारियों का रिकार्ड गायब हो जाने के सवाल पर यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार केएन सिंह ने बताया कि इस मामले में एसआईटी जांच चल रही है, इसलिए कुछ भी बताना मुनासिब नहीं है। एसआईटी ने जो सवाल किए हैं, उसका जवाब दिया जाएगा।
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