आगरा। नेशनल परमिट पर व्यावसायिक वाहन चलाने वाले ट्रांसपोर्टर्स के लिए राहत भरी खबर है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इन वाहनों में इमरजेंसी बटन (पैनिक बटन) लगाना अनिवार्य नहीं है। इस स्पष्टीकरण से ट्रांसपोर्टर्स को न सिर्फ आर्थिक बचत होगी, बल्कि फिटनेस और चेकिंग के दौरान होने वाली अनावश्यक परेशानी से भी निजात मिलेगी।
जिले में 150 से अधिक ट्रांसपोर्टर्स हैं। 700 से अधिक नेशनल परमिट वाहन हैं। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के परिवहन सचिवों व आयुक्तों को पत्र जारी कर लंबे समय से चले आ रहे भ्रम को दूर किया है। यूपी मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के आगरा जोन अध्यक्ष अशोक बंसल के अनुसार, केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम 1989 के नियम 90 के तहत सभी नेशनल परमिट वाले वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) लगाना आवश्यक है। इनमें इमरजेंसी बटन लगाने की वैधानिक बाध्यता नहीं है। अक्सर जानकारी के अभाव में आरटीओ या चेकिंग के दौरान ट्रांसपोर्टर्स पर इसके लिए दबाव बनाया जाता था, जिस पर अब लगाम लगेगी।
वहीं, मंत्रालय ने यह भी साफ किया है कि नियम 125H के तहत पब्लिक सर्विस वाहनों (पीएसवी) में यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर वीएलटीडी के साथ आईएएस-140 मानक वाले एक या अधिक इमरजेंसी बटन लगाना पूर्व की भांति अनिवार्य रहेगा। दोपहिया, ई-रिक्शा और तिपहिया वाहनों को इस नियम के दायरे से बाहर रखा गया है। मंत्रालय ने सभी राज्यों को इन नियमों का वास्तविक स्वरूप में सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।