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Agra: असम से मथुरा आया वायु हाथी, उपचार शुरू...लकड़ी ढोने के काम में आई गंभीर चोट

Sat, 26 Apr 2025 10:08 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

वायु हाथी को विशेष रूप से तैयार की गई एलीफेंट एंबुलेंस से मथुरा लाया गया। यहां पर उसका उपचार शुरू कर दिया गया है। हाथी को वहां लकड़ी ढोने के काम में गंभीर चोट आई थी। उसे बिना उपचार के ही जंगल में छोड़ दिया गया था। 
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वायु हाथी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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उम्र के पांच दशक तक क्रूरता झेलने के बाद वृद्धावस्था में वायु (हाथी) को चुरमुरा स्थित हाथी अस्पताल में उपचार के लिए लाया गया है। आसाम में लकड़ी ढोने के काम में लगे वायु को गंभीर चोट लगने पर उसके रखवालों ने बगैर उपचार के ही जंगल में छोड़ दिया था। सूचना पर मथुरा से हाथी अस्पताल की टीम ने 2000 किमी का लंबा सफर तय कर वायु को उपचार के लिए अपने साथ ले आई है।
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52 वर्षीय वायु को लकड़ी ढोने वाले हाथी के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। एक बार नागालैंड में गिर गया, जिसके कारण उसका बायां पैर बुरी तरह से टूट गया। इलाज नहीं मिलने के कारण हाथी दुबला-पतला और कुपोषित हो गया। उसकी कोहनी के जोड़ में एंकिलोसिस (जोड़ों की अकड़न) और ऑस्टियोआर्थराइटिस के कारण उसे चलने में परेशानी होती थी। वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ, कार्तिक सत्यनारायण ने बताया कि वायु के शरीर में खून की कमी थी और वह संक्रमण का भी शिकार था।

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अनुमति मिलने के बाद, मथुरा में वाइल्डलाइफ एसओएस एलिफेंट हॉस्पिटल की एक विशेषज्ञ टीम विशेष रूप से सुसज्जित एलिफेंट एम्बुलेंस के साथ रवाना हुई। सह-संस्थापक और सचिव, गीता शेषमणि ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन से पहले, हम सुनिश्चित करते हैं कि जानवर तनाव में न हो। हमने उसके लिए पानी से लेकर पोषण और दवाओं तक सभी जरूरी व्यवस्थाएं की। यात्रा के दौरान वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. ई. गोचलन ने उसे यात्रा के दौरान सहज महसूस कराने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए। डायरेक्टर कंजरवेशन प्रोजेक्ट्स बैजूराज एमवी ने कहा कि अब जबकि वायु अस्पताल पहुंच चुका है तो हम उम्मीद करते हैं कि वह शीध्र ही स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने लगेगा।

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