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UP: विद्युत वितरण निगम ने निकाल लिया हड़ताल का तोड़, अब पूर्व सैनिकों आईटीआई प्रशिक्षुओं की ली जाएगी मदद

Tue, 27 May 2025 09:59 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

बिजलीकर्मियों ने बिजली के निजीकरण के विरोध में 29 से कार्य बहिष्कार का एलान किया है। इसे लेकर विद्युत वितरण निगम ने तोड़ निकाल लिया है। निगम अब बिजली व्यवस्था सुचारू रखने के लिए पूर्व सैनिकों आईटीआई प्रशिक्षुओं की मदद लेगा। 
 
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बिजलीकर्मी - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के 42 जिलों में बिजली के निजीकरण का विरोध कर रहे कर्मचारी 29 मई से कार्य बहिष्कार पर रहेंगे। ऐसे में पूर्व सैनिकों के साथ आईटीआई प्रशिक्षुओं, मैकेनिक, लाइनमैन और अन्य सरकारी विभागों में तैनात बिजली कर्मचारियों की मदद ली जा सकती है।
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पावर कॉरपोरेशन ने दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक नितीश कुमार से कहा है कि 29 मई से बिजली कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार को देखते हुए जिलों में मौजूद आईटीआई, मैकेनिक, लाइनमैन, स्किल डेवलपमेंट के तहत प्रशिक्षित लोगों, पूर्व सैनिकों और पूर्व कर्मचारियों को चिह्नित कर लें और कार्य बहिष्कार के दौरान उन्हें तैनाती दें।
 

लोक निर्माण विभाग, राजकीय निर्माण निगम, सिंचाई विभाग के विद्युत खंडों में तैनात कर्मचारियों को विद्युत सबस्टेशन पर तैनात किया जाए। उनका कहना है कि संविदा कर्मचारियों, लाइनमैन को विद्युत लाइनों की मरम्मत में तैनात किया जा सकता है, वहीं संवेदनशील विद्युत सबस्टेशनों पर मैनपावर की तैनाती की योजना बना ली जाए। जो कंपनियां, एजेंसियां हाईटेंशन लाइनों और एलटी लाइनों की मरम्मत करती हैं, उनसे वार्ता कर ली जाए। अतिसंवेदनशील स्थानों, अस्पतालों, वाटर वर्क्स, मेडिकल कॉलेज, कोर्ट, कलेक्ट्रेट में बिजली आपूर्ति सुचारू करने के लिए तैनाती की योजना बना लें।

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प्रदर्शन कर किया निजीकरण का विरोध
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने सोमवार को भी निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन किया। समिति उपाध्यक्ष प्रभात सिंह ने बताया कि बिजली कर्मचारी उपभोक्ताओं को कोई परेशानी नहीं होने दे रहे हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तूफान प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति में जुटे हैँ। समिति ने हड़ताल का नोटिस नहीं दिया है, लेकिन पावर कॉरपोरेशन हड़ताल जैसा माहौल बना रहा है। जानबूझकर कर्मचारियों को परेशान किया जा रहा है।
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