एक्सईएन ने अपना परिचय दिया तो कहा गया कि यह सरकारी गाड़ी नहीं प्राइवेट गाड़ी है लिहाजा टोल तो देना पड़ेगा। खैर एक्सईएन ने टोल दिया और आगरा की तरफ रवाना हो गए। कुछ देर बाद ही बिजली वालों की टीम टोल पर पहुंच गई और कनेक्शन काट दिया। चेकिंग के लिए मीटर खोल लिया गया। टोल की बत्ती गुल हो गई। इससे जेनरेटर चलाकर काम शुरू कराया गया।
टोल मैनेजर अनिल सिंह ने बताया कि जब बिजलीकर्मियों से पूछा गया तो कहा कि उन्हें एक्सईएन टेस्ट ने जांच करने के लिए भेजा है। इस पर वह पूरा माजरा समझ गए। टोल मैनेजर ने बताया कि उन्होंने इसकी शिकायत बिजली विभाग के टोल फ्री नंबर पर कर दी है।
वहीं जिस एक्सईएन पर टोल मैनेजर आरोप लगा रहा है, उनका कहना है कि यह रूटीन चेकिंग थी। इससे टोल की पर्ची कटने का कोई लेना देना नहीं है। वह जब भी जाते हैं टोल पर पर्ची कटवाते हैं।
टोल प्लाजा मैनेजर अनिल सिंह ने कहा कि हमारे टोल प्लाजा का 130 किलोवाट का कनेक्शन है और उस पर 65 किलोवाट का लोड चल रहा है। वर्तमान बिल 1.60 लाख का आया है, इसे जमा करने की तारीख दो फरवरी है।
फिर भी एक्सईएन ने टोल रसीद कटने से कुपित होकर टोल प्लाजा की बिजली कटवाई है। मीटर की जांच में सब कुछ ठीक मिला है। दो घंटे बाद बिजली फिर से चालू कराई गई। इसकी शिकायत 1912 पर की है और एमडी दक्षिणांचल आगरा को लिखित शिकायत कर रहे हैं।
एक्सईएन टेस्ट का कहना है कि टोल प्लाजा महुअन के कनेक्शन के मीटर की जांच करने को बिजली कर्मी भेजे गए। मीटर बक्सा आदि को खोला गया। देखा गया कि क्या गड़बड़ी है। मैं अभी एमडी की मीटिंग में आया हूं।