उनके परिवार द्वारा भी कोई बिजली चोरी नहीं की गई है। विद्युत निगम ने मनमानी करते हुए ये एफआईआर दर्ज कराई है। ऐसे में बिजली विभाग की कार्यशैली लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। उनका कहना है कि विभाग ने फर्जी एफआईआर तो दर्ज करा दी, अब स्वर्गलोक तक समन कैसे भेजेगा। वहीं विद्युत निगम के अधिकारी मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
जिम्मेदारों पर होनी चाहिए कार्रवाई
मृतक रमेश चंद्र के परिवार के लोग विद्युत निगम के जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि एक मृतक को चोर साबित करते हुए समन जारी कर दिया गया, ये बिल्कुल गलत है। विद्युत निगम उत्पीड़न के लिए कार्रवाई करता है। इसकी जांच बहुत जरूरी है।
उपखंड अधिकारी घिरोर के उपेंद्र राज ने बताया कि ऐसे किसी मामले की जानकारी नहीं है। अवर अभियंता उपकेंद्र शाहजहांपुर से जानकारी की जाएगी। पूरे प्रकरण की जानकारी होने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।