जैथरा क्षेत्र के नगला मंगली में हुई घटना की जानकारी पर मौके पर पहुंच जानकारी लेते सीओ अलीगंज व अन?
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एटा। खंभे से सपोर्ट तार में आए करंट से मंगलवार को मां-बेटे की मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति आक्रोश है। वही सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों के शव कब्जे में लेकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
थाना जैथरा क्षेत्र के गांव नगला मंगली निवासी रामबेटी (75) पत्नी ज्ञान सिंह सुबह पशुओं को दूसरी जगह पर बांधने के लिए ले जा रही थी। उसी समय पशु के गले में पड़ी लोहे की जंजीर बिजली के खंभे में लगे सपोर्ट तार (खेंच) में उलझ गई। लोहे की जंजीर छूते ही रामबेटी करंट की चपेट में आ गई। रामबेटी की चीख पुकार सुनकर उसका बेटा इंद्रवीर (50) मौके पर पहुंच गया और मां को करंट से बचाने के लिए पकड़कर खींचने लगा। इसके चलते वह भी करंट की चपेट में आ गया। इससे मां और बेटे दोनों की मौत हो गई। एक साथ हुई मां बेटे की मौत के बाद ग्रामीणों में बिजली विभाग के खिलाफ आक्रोशित हो गए। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने बिजली विभाग की लापरवाही के चलते खंभे में करंट उतरने की बात कही। वहीं घटना की जानकारी पाकर जैथरा पुलिस मौके पर पहुंच गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
घर का इकलौता चिराग था इंद्रवीर
एटा। पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे इंद्रवीर के तहेरे भाई देव सिंह ने बताया कि मृतक इंद्रवीर अपने माता पिता का इकलौता बेटा था। उस पर ही पूरा परिवार निर्भर था। करंट से हुई इकलौते बेटे की मौत के बाद परिवार पूरी तरह से सदमे में डूबा हुआ था।
सड़क पर भी था करंट
एटा। इस घटना से पहले भी तार में आया करंट सड़क पर भी था। ग्रामीण देव सिंह ने बताया कि बारिश होने के बाद सड़क गीली हो जाती थी। उसी वक्त सड़क पर नंगे पैर चलने पर करंट फैलने का लोगों को आभास होता था। इसकी शिकायत कई बार लाइनमैन से की गई थी। इसके बाद भी किसी ने उस पर ध्यान नहीं दिया। इसके चलते मां बेटे की करंट लगने से एक साथ मौत हो गई।