बकाएदार विभागों की सूची जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह को भेजी गई है। बिजली बकाया वसूली नहीं होने के कारण आगरा की प्रगति ग्रेडिंग खराब है। जिसे लेकर मंडलायुक्त अमित गुप्ता ने नाराजगी जताते हुए विभागध्यक्षों को चेतावनी जारी की है। एक महीने बाद दोबारा समीक्षा की बात कही है। वहीं, इस संबंध में डीवीवीएनएल के प्रबंध निदेशक अमित किशोर का कहना है कि सरकारी विभागों से बकाया वसूली के स्थानीय स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
हर महीने 239 करोड़ रुपये का अंतर
डीवीवीएनएल हर महीने करीब 925 करोड़ रुपये की बिजली खरीदता है। जिसके सापेक्ष 686 करोड़ रुपये की राजस्व वसूली होती है। यानी हर माह 239 करोड़ रुपये का अंतर है। 21 जिलों में 56.46 लाख से अधिक उपभोक्ता हैं। जिनमें 5.50 लाख से अधिक उपभोक्ताओं पर करीब पांच हजार करोड़ रुपया बकाया है।
ये विभाग हैं बड़े बकाएदार
- पंचायती राज : 76.96 करोड़ रुपये
- प्राथमिक शिक्षा : 32.04 करोड़ रुपये
- माध्यमिक शिक्षा : 5.73 करोड़ रुपये
- वन विभाग : 42.57 लाख रुपये
- पुलिस विभाग : 41.64 लाख रुपये
- ग्राम्य विकास : 35.33 लाख रुपये
- पशु चिकित्सालय : 29.21 लाख रुपये
- जिला प्रशासन : 28.79 लाख रुपये
- सहकारी समितियां : 13.25 लाख रुपये
- समाज कल्याण : 5.01 लाख रुपये
- पीडब्ल्यूडी : 4.94 लाख रुपये
- सिंचाई विभाग : 4.45 लाख रुपये
- चिकित्सा विभाग : 3.88 करोड़ रुपये
- पर्यटन विभाग : 2.32 लाख रुपये
- भूमि विकास : 1.60 लाख रुपये