फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विद्युतीकरण 2018 में हुआ और बिल 2012 के आ रहे

विज्ञापन
विज्ञापन
मैनपुरी। घिरोर क्षेत्र के गांव नगला बीना में बिना बिजली जलाए हजारों के बिल आने से ग्रामीण परेशान हैं। बिजली विभाग द्वारा भेजे गए हजारों रुपयों के बिलों के आने से ग्रामीणों की नींद उड़ी हुई है। विभाग द्वारा भेजे गए बिलों को सही कराने की मांग जब सब स्टेशन पर अनसुनी कर दी गई तो उन्होंने अधीक्षण अभियंता से गुहार लगाई है।
विज्ञापन

घिरोर क्षेत्र की ग्रामसभा कल्होर पछां के गंाव नगला बीना में बिजली के कनेक्शन नहीं होने से ग्रामीण परेशान थे। ग्रामीणों की मांग पर तत्कालीन जेई द्वारा गांव में कम से कम 10 लोगों द्वारा आवेदन किए जाने पर ही गांव में कनेक्शन देने की बात कही। ग्रामीणों द्वारा आवेदन किए जाने पर गांव में अगस्त 2018 में दीनदयाल उपाध्याय विद्युतीकरण योजना के तहत कनेक्शन दिए गए। विभाग द्वारा वर्ष 2019 से कनेक्शन चालू करके मीटर लगाकर लाइन टेपिंग कर दी गई। विभाग ने बिजली का उपयोग मानकर बिल भेजने की प्रक्रिया शुरू की।
वर्ष 2019 से माने गए उपयोग के बाद विभाग ने जो बिल भेजे उनसे ग्रामीण परेशान हो गए। विभाग द्वारा 15 से 25 हजार रुपये तक के बिजली के बिल ग्रामीणों को भेजे गए। इन बिलों में वर्ष 2012-13 से बिजली का उपयोग करना बताया गया। ग्रामीणों ने जब सब स्टेशन पर शिकायत की तो उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। विभाग द्वारा बकाया वसूली के लिए चलाए जा रहे अभियान से परेशान ग्रामीणों ने अधीक्षण अभियंता से जांच कराकर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।
विज्ञापन

विभाग कर रहा मनमानी
नगला बीना निवासी रामऔतार, श्रीकृष्ण, इंद्रपाल, राधेश्याम, अजय पाल, सूरज सिंह, मुन्नालाल, हरिश्चंद्र का कहना है जब 2018 में विद्युतीकरण हुआ है तो वर्ष 2012-13 से बिजली के बिल किस आधार पर भेजे गए हैं। लाइनमैन और जेई मिलकर मनमानी कर रहे हैं। अभिलेखों के आधार पर जांच कराने केे बाद बिलों को संशोधित कराया जाना चाहिए।
नगला बीना के ग्रामीणों की शिकायत मिली है। एसडीओ और जेई से जवाब मांगा गया है। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। जितना बिजली का उपयोग होगा उतना ही बिल वसूल किया जाएगा।
विज्ञापन

रवि कुमार अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें