सिकंदरा के अरतौनी में रविवार सुबह बिजली मिस्त्री विशंभर (40) का शव घर में कमरे में फर्श पर मिला। परिजनों का आरोप है कि तीन दिन पहले गांव के कुछ युवकों ने उधारी में लिए दो हजार रुपये का तगादा करने पर उनकी पिटाई की थी। इस कारण उन्होंने पत्नी और चार बच्चों को रिश्तेदारी में भेज दिया था। वह घर में अकेले ही थे। पुलिस का कहना है कि मामला आत्महत्या का है। परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
अरतौनी निवासी विशंभर के घर में पत्नी ममता के अलावा बेटे रवि, शानू, प्रिंस और बेटी मुस्कान हैं। पत्नी का कहना है कि पति ने कुछ महीने पहले गांव के ही एक युवक को दो हजार रुपये उधार दिए थे। युवक रुपये नहीं लौटा रहा था। 14 अप्रैल को उससे रुपये देने के लिए कहा। इस बात को लेकर युवक कहासुनी करने लगा। विरोध करने पर अपने साथियों को बुला लिया।
आरोप है कि युवकों ने विशंभर की घर से खींचकर पिटाई कर दी। लाठी-डंडों से पीटा। उसके चोट लगी। इससे वो दहशत में आ गया। विशंभर को लगा कि आरोपी पत्नी और बच्चों से भी मारपीट कर सकते हैं, इसलिए उन सभी को फतेहपुर सीकरी के गांव उंदेरा अपनी ससुराल भेज दिया। पिता रोशनलाल भी सिकंदरा हाईवे स्थित एक फार्म में चौकीदारी करते हैं। उन्हें भी फोन किया। घर आने से मना कर दिया।
तब से विशंभर घर में अकेले ही रह रहा था। रविवार को गांव में एक शादी थी। इसके लिए लोग आ रहे थे, तभी पड़ोसियों ने विशंभर को आवाज लगाई, लेकिन घर से वो बाहर नहीं आया। इस पर लोगों को शक हुआ। लोग छत से घर में पहुंचे। घर के प्रथम तल पर कमरे की खिड़की से देखा तो विशंभर की लाश फर्श पर पड़ी हुई थी। इस पर पड़ोसियों ने परिजनों को सूचना दी। बाद में पुलिस पहुंची। दरवाजा तोड़कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। परिजनों का कहना है कि आरोपी दबंग हैं। इससे ही परिवार डरा हुआ है।
पुलिस कर रही विवेचना
सीओ हरीपर्वत एएसपी सत्य नारायण ने बताया कि सुबह पुलिस कंट्रोल रूम पर बिजली मिस्त्री के फांसी लगाकर आत्महत्या करने की सूचना दी गई थी। पुलिस पहुंची तो देखा कि शव फर्श पर पड़ा है। इस पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी लगने से आया है। विशंभर से कुछ दिन पहले मारपीट की गई थी। परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करके विवेचना की जाएगी। आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।