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आगरा: जूता कारीगर-बूट मैन्यूफैक्चरर करेंगे मतदान का बहिष्कार, फैक्टरियों में लगे ताले, पांच हजार हुए बेरोजगार

Tue, 25 Jan 2022 12:05 AM IST
Abhishek Saxena अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

अनिल महाजन के मुताबिक एमबीएफ फैक्ट्री के मालिक प्रेमप्रकाश फैक्ट्री बेचकर लुधियाना में नौकरी कर रहे, जबकि सॉफ्ट वेयर कॉरपोरेशन के अनिल गुप्ता फैक्टरी बेचकर पठानकोट शिफ्ट हो गए। सोनी लेदर वर्क्स के योगेंद्र भी दिल्ली चले गए
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बूथ मैन्यूफैक्चर प्रदर्शन करते हुए - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मानदंड बदलने के बाद आगरा की 35 से ज्यादा बूट फैक्टरियां बंद हो चुकी हैं। सरकारी स्तर पर नियमों में बदलाव से आगरा के 5 हजार से ज्यादा जूता कारीगर बेरोजगार हो चुके हैं। सोमवार को बूट मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन और उससे जुड़े कारीगरों ने मतदान का बहिष्कार करने का एलान किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार में उचित मंच पर बात उठाने पर भी कोई समाधान नहीं निकला, इसलिए वह वोट नहीं देंगे। 
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एसोसिएशन के सचिव अनिल महाजन ने बताया कि सरकारी नीतियों ने घरेलू जूता उद्योग की कमर तोड़ दी है। सरकार द्वारा लगाए गए मानदंड के कारण फैक्टरियां सरकारी विभागों के टेंडर में हिस्सा नहीं ले पा रहीं। बैंकों की रिकवरी आने से कई फैक्टरियां और मकान बिक गए हैं। एसोसिएसन के सदस्य फैक्टरियां बेचकर नौकरी करने को मजबूर हैं। 2016-17 में जिन फैक्टरियों का टर्न ओवर 18-20 करोड़ था आज दो करोड़ पर पहुंच गया है। 2-3 करोड़ टर्न ओवर वाली छोटी इकाइयां बंद हो चुकी हैं। इस दौरान नीना महाजन, अध्यक्ष सुनील गुप्ता, डीपी गुप्ता, राहुल, नितिन, कीरीगरों में भगवती प्रसाद, सोनू, विशाल सहरा, रवि शंकर, विनोद, मुकेश, विजय, ब्रिजेश, रामदास, पप्पू आदि मौजूद रहे। 
इन्होंने किया पलायन
अनिल महाजन के मुताबिक एमबीएफ फैक्ट्री के मालिक प्रेमप्रकाश फैक्ट्री बेचकर लुधियाना में नौकरी कर रहे, जबकि सॉफ्ट वेयर कॉरपोरेशन के अनिल गुप्ता फैक्टरी बेचकर पठानकोट शिफ्ट हो गए। सोनी लेदर वर्क्स के योगेंद्र भी दिल्ली चले गए, जबकि हरिओम एसएम एंटरप्राइजेज ने फैक्टरी और मकान दोनों बेच दिए। विजय शू फैक्टरी के अनिल गुप्ता भी पठानकोट शिफ्ट हो चुके हैं। यश एंटरप्राइजेज के ओम प्रकाश बैंक रिकवरी के कारण मकान बेच चुके हैं। 
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