सपा में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव के खुलकर आमने-सामने आ जाने का असर यूं तो प्रदेश की सियासत पर पड़ने जा रहा है लेकिन ब्रज में यह गुटबाजी बड़ा गुल खिला सकती है। यह इलाका सपा का मजबूत किला कहा जाता है। अगर यहां साइकिल कमजोर पड़ी तो हाथी आगे निकल सकता है। भाजपा ब्रज में कमल खिलाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए है।
यूपी की सियासत में ब्रज की अहमियत का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि बसपा अध्यक्ष मायावती ने अपने चुनाव अभियान की शुरुआत आगरा से की। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ब्रज में लगातार रैलियां कर रहे हैं। पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली भी हो चुकी है। मथुरा बेल्ट में रालोद का रंग भी चटख है। दो दिन पहले ही रालोद मुखिया अजित सिंह ने बल्देव में रैली की है।
जाहिर है सपा के गढ़ को ढहाने के लिए सभी दल पूरा जोर लगा रहे हैं। ऐसे में सपा के भीतर मचे संग्राम से सपाई आपस में बंटते नजर आ रहे हैं।
यहां रामगोपाल, अखिलेश, शिवपाल सभी के समर्थक बड़ी संख्या में हैं। अब देखना यह है कि गुटबाजी का यह ऊंट किस करवट बैठता है। सपा की ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ब्रज के इस क्षेत्र में 30 में से 14 सीटें सपा ने जीती थीं 2012 के चुनाव में। लोकसभा चुनाव 2014 में मोदी लहर के बावजूद फीरोजाबाद और मैनपुरी में सपा के उम्मीदवार जीते। फीरोजाबाद से रामगोपाल यादव के पुत्र अक्षय यादव सांसद हैं। मैनपुरी से सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव जीते थे। बाद में उन्होंने सीट छोड़ी तो उनकी जगह तेजवीर सांसद बन गए।
एटा और मैनपुरी ऐसे जिले हैं जहां सभी सीटें सपा के पास हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में बसपा दूसरे नंबर पर रही है। ऐसे में साइकिल के सवार आपस में लड़कर पीछे तो आगे निकलने में कुछ कसर नहीं छोड़ने वाला है हाथी।
जनपद वि.स. क्षेत्र सपा बसपा भाजपा रालोद कांग्रेस
आगरा 09 01 06 02 00 00
मथुरा 05 00 01 00 03 01
एटा 04 04 00 00 00 00
कासगंज 03 02 01 00 00 00
मैनपुरी 04 04 00 00 00 00
फीरोजाबाद 05 03 01 01 00 00
कुल 30 14 09 03 03 01
( विधान सभा चुनाव 2012 का परिणाम )