घटना से परिवार में कोहराम मच गया।
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आगरा-इटावा स्टेट हाईवे पर बाह के छदामी मठ के पास अज्ञात वाहन के रौंदने से मैनपुरी के दरवाह गांव (हाल निवासी बरुआ नगर बाह) के नाहर सिंह (60) की दर्दनाक मौत हो गई। जबकि उनका मुंह बोला बेटा नेकराम गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल में इलाज के दाैरान नेकराम ने भी दम तोड़ दिया।
मैनपुरी जनपद के दन्नाहार थाना क्षेत्र के दरवाह गांव के नाहर सिंह पुत्र राजबहादुर अपने परिवार के साथ बाह के बरुआ नगर में रह कर मेहनत मजदूरी करते थे। उनका छोटा बेटा कृष्ण गोपाल पल्लेदारी करता है। जबकि भतीजे (मुंह बोला बेटा) नेकराम के साथ उन्होंने छदामी मठ पर बटाई पर खेत लेकर बाजरा की फसल बोई थी। दोनों मेहरा पर सो कर छुट्टा मवेशी से बाजरा की रखवाली करते थे।
नाहर सिंह की पत्नी सुदामा और बेटी हेमा ने बताया कि शनिवार रात 8.45 बजे दोनों खाना खाने के बाद फसल की रखवाली के लिए घर से पैदल निकले थे। रात 9.30 बजे हादसे की कॉल पर पीआरवी और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। दोनों सड़क पर खून से लथपथ पड़े थे। दोनों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बाह पर लाया गया। जहां पर चिकित्सकों ने नाहर सिंह को मृत घोषित कर दिया। जबकि नेकराम को चिंताजनक हालत में एंबुलेंस से एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा भेज दिया। जहां इलाज के दाैरान नेकराम की भी माैत हो गई।
पुलिस की सूचना पर परिजन भी अस्पताल पहुंच गये। नाहर सिंह का शव देख कर पत्नी सुदामा एवं बेटी हेमा दहाड़े मार कर रो पड़ी। दोनों ने पुलिस को बताया कि मैनपुरी में कर्ज होने पर बाह में मेहनत मजदूरी को आए थे। बरुआ नगर में किराए के घर में रह कर बटाई पर खेती कर परिवार का भरण पोषण कर रहे थे। एसीपी बाह जितेन्द्र कुमार ने बताया कि मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए बाह की मोर्चरी में रखवा दिया है। हादसा करने वाले वाहन की पहचान और तलाश की जा रही है।