मैनपुरी। गंदगी और अतिक्रमण से जूझ रही ईशन नदी को आबाद करने के भागीरथी प्रयास जिला प्रशासन ने शुरू किए हैं। सोशल मीडिया पर जहां डीएम ने खुद लोगों से नदी को अविरल बनाने के लिए जनसहयोग मांगा है। वहीं रविवार को अफसरों को जनता के साथ बैठक करके दोपहर में नदी के लिए जलस्रोत की तलाश करते हुए निरीक्षण किया। प्रयास प्रशासन की ओर से हुआ है, इसलिए लोगों को उम्मीद जगी है कि जल्द ही ईशन का कायाकल्प होगा।
रविवार को सुबह के समय कलक्ट्रेट सभागार में डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने अफसरों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और आम जनता के साथ बैठक की। उन्होंने उपस्थित लोगों से सहयोग मांगा और साफ कर दिया कि प्रशासन नदी का जीर्णोद्धार कराना चाहता है। इस बीच उपस्थित अधिकारियों और आमजन से सुझाव भी मांगे गए।
बैठक खत्म करने के बाद दोपहर के समय डीएम राजस्व और सिंचाई विभाग के अमले के साथ जलस्त्रोत की तलाश में निकल पड़े। वह नगरिया रजबहा पहुंचे और निरीक्षण किया। उन्होंने ईशन नदी में इस रजबहा से पानी पहुंचाने के निर्देश अधिशासी अभियंता नहर को दिए। ग्राम पंचायत सचिव को शाम तक नसीरपुर ड्रेनेज की सफाई कराकर फोटोग्राफ देने को कहा। तहसीलदार घिरोर को ईशन नदी में नगरिया रजबहा से पानी पहुंचने में सहयोग के लिए अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। बैठक में एडीएम बी राम, एसडीएम रजनीकांत, रतन वर्मा, फूलचंद्र आर्य, अनूप कुमार, अधिशासी अभियंता नहर गोपाल यादव, बीएसए विजय प्रताप, ईओ नगर पालिका लालचंद्र भारती मौजूद रहे।
- शहर के पुलों के पास बनेंगी सीढ़ियां
- ईशन नदी में गिरने वाले नालों पर लगेगी रोक
- नगरिया रजबहा से होगी पानी की व्यवस्था
- ईओ नगर पालिका को दिया गया सफाई का जिम्मा
- गंदगी डालने वालों पर कार्रवाई करेंगे एसडीएम
- अवैध निर्माण करने वालों को दिए जाएंगे नोटिस
ईशन नदी के जीर्णोद्धार में प्रशासन के सामने चुनौतियां कम नहीं हैं। सबसे ज्यादा चुनौती अवैध निर्माण है। ईशन नदी की तलहटी में कई मकान बन चुके हैं, ऐसे में तलहटी को कब्जा मुक्त कराना आसान नहीं होगा। ईशन नदी में शहर के कई गंदे नाले गिरते हैं। ईशन नदी से जुड़ा एक विद्यालय का विवाद न्यायालय में विचाराधीन है, ऐसे में जीर्णोद्धार कार्य प्रभावित हो सकता है।