प्रदेश भर में 30 लाख फर्जी कार्ड निरस्त हुए हैं। आगरा की बात करें तो ये संख्या 80 हजार है। सबसे ज्यादा फर्जी कार्ड निरस्त के मामले में आगरा दूसरे स्थान पर है। निरस्त कार्डों की जगह पात्र परिवारों के कार्ड बनवाए जा रहे हैं।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन कार्डधारक मुखिया के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया था। इसमें परिवार की महिला के नाम कार्ड बनवाए गए। करीब सात लाख कार्ड बने। सर्वे के बाद अब 6.20 लाख कार्ड बचे हैं।
सर्वे में एक नाम से दो-दो कार्ड, घर में कार, सरकारी नौकरी समेत आर्थिक रूप से संपन्न लोगाें के कार्ड भी मिले। डीएसओ बीके शुक्ला ने बताया कि सर्वे अभियान में 80,000 कार्ड अपात्र पाए गए। इनके स्थान पर वंचित रहे परिवारों के राशन कार्ड बनवाए जा रहे हैं।