उत्तर प्रदेश के आगरा में विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर इंडियन डेंटल एसोसिएशन के 100 डॉक्टरों ने अपनी क्लीनिक पर शिविर लगाया। इसमें 1857 लोगों के दांतों की जांच निःशुल्क की गई। इसमें 70 फीसदी के दांत खराब और आठ फीसदी में कैंसर के लक्षण मिले।
अध्यक्ष डॉ. एनएस लोधी ने बताया कि जांच में मुंह में सफेद दाग, दांतों में सड़न, पायरिया, बार-बार छाले होना, मुंह कम खुलना जैसी परेशानी मिली। इनमें कैंसर की आशंका पर विशेषज्ञ को दिखाने के लिए परामर्श दिया। सचिव डॉ. मनोज यादव ने कहा कि तंबाकू से दांत लाल-पीले होने के साथ सड़न भी मिली। इससे दांत कमजोर भी पाए गए। संस्थापक डॉ. अनिल अग्रवाल, डॉ. एसके कठारिया और निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. विवेक शाह ने कहा कि तंबाकू में 70 से अधिक खतरनाक रसायन होते हैं। इससे 20 तरह के कैंसर होने का खतरा रहता है।
एसएन मेडिकल कॉलेज के कैंसर रोग विभाग में जूनियर डॉक्टर और मेडिकल छात्रों ने नाटक का मंचन कर मरीजों को तंबाकू से होने वाली बीमारी के बारे में बताया। विभागाध्यक्ष डॉ. सुरभि गुप्ता ने कहा कि तंबाकू नहीं छोड़ी तो कैंसर के अलावा दमा, सांस रोग, हृदय रोग, ब्रेन स्टॉक की बीमारी का भी खतरा है। कार्यक्रम में डॉ. तबस्सुम समानी, डॉ. अनुज त्यागी, डॉ. हिमालय, डॉ. गीतू सिंह, डॉ. निधि, डॉ. दीपांशी, डॉ. एशना, डॉ. जरीन, डॉ. प्रभा आदि मौजूद रहे।
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सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने कार्यालय में डॉक्टर समेत स्टाफ को तंबाकू न खाने और छोड़ने का संकल्प दिलाया। तंबाकू छोड़ो अभियान के तहत पोस्टर पर हस्ताक्षर भी किए। कार्यक्रम में डॉ. पीके शर्मा, डॉ. एसएम प्रजापति, अनिल सत्संगी आदि मौजूद रहे।